एक साल में सड़क हादसों में गयी दो दर्जन की जान फोटो 10 बीएएन 64 दुर्घटनाग्रस्त वाहन (फाइल फोटो)प्रतिनिधि, कटोरियाकटोरिया-बांका मार्ग पर भसौंनाबांध के निकट रविवार को हुए सड़क हादसे ने एक साथ कई घटनाओं की याद ताजा कर दी़ जनवरी 2015 से लेकर 10 जनवरी 2016 तक कटोरिया व चांदन क्षेत्र में घटित अलग-अलग सड़क हादसों में दो दर्जन से भी अधिक लोगों की जानें चली गयी है़ इसमें ऑटो दुर्घटना में अधिक लोग हताहत हुए़ गत 27 अक्तूबर 2015 को कटोरिया-बांका मुख्य मार्ग पर कैथाकुरा-बहदिया मोड़ के निकट ऑटो व ट्रक की सीधी टक्कर में गंगाजल लेकर पूजा-अर्चना हेतु बाबाधाम जा रहे आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गयी थी़ गत 4 जनवरी 2015 को कटोरिया-सूइया मुख्य सड़क मार्ग पर टोनापाथर के निकट ट्रक और ऑटो की टक्क्र में चार लोगों की मौत हो गयी थी़ गत 25 दिसंबर को कटोरिया-सूइया मुख्य मार्ग पर तरपतिया के निकट हाईवा और ऑटो की टक्कर में सात श्रद्धालु गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे़ गत 16 दिसंबर 2015 को कटोरिया-बांका मार्ग पर सिहुलिया मोड़ पर ट्रक से कुचलकर मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गयी थी़ गत 1 मार्च को कटोरिया-बांका मार्ग पर घोरमारा के निकट इनोवा पलटने से दो युवकों की मौत हो गयी थी़ गत 26 अक्तूबर को कटोरिया-देवघर मार्ग पर इनारावरण के निकट ट्रक से कुचलकर तारापुर के एक व्यवसायी की मौत हो गयी थी़ गत 15 जनवरी 2015 को कटोरिया-बांका मार्ग पर घोरमारा गांव के निकट ट्रक-टेंकर की टक्कर में एक मजदूर की मौत हो गयी थी़ गत 24 फरवरी को कटोरिया-देवघर मार्ग पर देवासी मोड़ के निकट हुई कार दुर्घटना में भागलपुर के एक उपडाकपाल की मौत हो गयी थी़ इसके अलावा कटोरिया-बांका, कटोरिया-देवघर व कटोरिया-सुल्तानगंज मार्ग पर नैनो, स्कॉर्पिओ, बोलेरो, ऑटो, बाइक आदि दुर्घटनाओं में भी कई लोगों की मौत हो गयी थी़ चार दर्जन से भी अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी भी हुए़ -कैसे घटेगा सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफसड़क हादसों की घटनाओं में कमी लाने हेतु प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, बुद्घिजीवियों एवं आमजनों को भी जागरूक होना होगा़ सबसे पहले मालवाहक एवं यात्रियों को ढोने वाली गाडि़यों पर खुल्लम-खुल्ला होने वाली ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाना होगा़ ऑटो, ट्रैक्टर, बाइक सहित अन्य वाहनों को निमोछिये चालक बेरोकटोक चला रहे हैं. इसके लिए भी सघन चेकिंग अभियान चलाने की जरूरत है़ अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के अलावा हर घर के अभिभावकों को भी इसके लिए सजग होना होगा़ उनके घर के छोटे-छोटे बच्चे कार या बाइक लेकर सरपट सड़क पर निकल पड़ते हैं. जबकि ना तो उनके पास ड्राइविंग लाइसेंस रहता है और ना बेहतर ढंग से गाड़ी चलाने का अनुभव ही़ साथ-साथ शराब पीकर गाड़ी चलाना आज के दौर में जानलेवा फैशन बन चुका है़ ट्रैफिक नियमों का पालन करने से भी सड़क हादसों की घटनाओं में कमी लायी जा सकती है़
एक साल में सड़क हादसों में गयी दो दर्जन की जान
एक साल में सड़क हादसों में गयी दो दर्जन की जान फोटो 10 बीएएन 64 दुर्घटनाग्रस्त वाहन (फाइल फोटो)प्रतिनिधि, कटोरियाकटोरिया-बांका मार्ग पर भसौंनाबांध के निकट रविवार को हुए सड़क हादसे ने एक साथ कई घटनाओं की याद ताजा कर दी़ जनवरी 2015 से लेकर 10 जनवरी 2016 तक कटोरिया व चांदन क्षेत्र में घटित अलग-अलग […]
