राष्ट्रीय लोक अदालत में 5581 वादों का हुआ निष्पादन, 7.20 करोड़ रुपये से अधिक का सेटलमेंट
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को इस वर्ष का प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित हुआ.
By SHUBHASH BAIDYA | Updated at :
बांका. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को इस वर्ष का प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश सत्य भूषण आर्य ने दीप प्रज्वलन कर किया. इस दौरान मुख्य रूप से डीएलएसए के सचिव राजेश सिंह व एडीएम अजीत कुमार उपस्थित थे. मौके पर जिला जज ने लोक अदालत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत आमजन को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है. उन्होंने आमजनों से राष्ट्रीय लोक अदालत में पहुंचकर अपने वादों का निष्पादन कराने की अपील की, ताकि न्यायालय में वादों को बोझ कम हो सके और फरियादियों को कम खर्च पर लोक अदालत का लाभ मिल सकें. इस मौके पर सभी एडीजे, सीजेएम, न्यायिक पदाधिकारी व न्यायिक दंडाधिकारी एवं अधिवक्ता मौजूद थे.
अलग-अलग बनाये गये थे 11 बेंच
लोक अदालत के सफल संचालन के लिए अलग-अलग 11 बेंचों का गठन किया गया था. जिनके माध्यम से विभिन्न विभागों एवं इकाइयों से संबंधित लंबित मामलों का समाधान किया गया. लोक अदालत में बीएसएनएल, विद्युत, बैंकिंग, खनन, वन विभाग सहित अन्य विभागों से संबंधित वादों का निबटारा समझौता के आधार पर किया गया. लोक अदालत में विभिन्न वादों से जुड़े कुल 12,532 मामले प्राप्त हुए, जिनमें से 5,581 मामलों का सफलतापूर्वक निबटारा समझौता के आधार पर किया गया. इन मामलों के निबटारे से कुल सात करोड़ 20 लाख 92 हजार 952 रुपए की राशि का सेटलमेंट किया गया. प्रमुख रूप लोक अदालत में बैंक रिकवरी के 4360 में से 1731 वादों का निबटारा समझौता के आधार पर हुआ. वहीं थाना के क्रिमिनल केसेस, लोक शिकायत एवं ट्रैफिक चालान से जुड़े मामले में शत प्रतिशत मामले का निष्पादन हुआ. ग्राम कचहरी के 1130 में से 549, कोर्ट केसेस के 3190 में से 306 आपराधिक सुलहनीय वाद का निष्पादन हुआ, बिजली संबंधित 666 में से 309 वाद, दो लेबर डिस्प्यूट वाद, 23 खनन वाद, दो माप-तौल से संबंधित वाद का निष्पादन समझौता के आधार पर किया गया.