पंजवारा चेकपोस्ट पर पेड़ के नीचे ड्यूटी करने को मजबूर पुलिसकर्मी

Banka News : जहां आम लोग भीषण गर्मी और लू से बचने के लिए घरों में कैद हैं, वहीं बांका जिले के पंजवारा चेकपोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मी बिना शेड और बुनियादी सुविधाओं के खुले आसमान के नीचे ड्यूटी कर रहे हैं. हालत ऐसी है कि जवानों के लिए पेड़ की छांव ही एकमात्र सहारा बन चुकी है.

पंजवारा (बांका) से गौरव कश्यप की रिपोर्ट

बांका जिले के पंजवारा अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों की बदहाल तस्वीर सामने आई है. सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण इस चेकपोस्ट पर जवानों के लिए न तो शेड की व्यवस्था है और न ही पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं. 40 डिग्री से ऊपर तापमान और चिलचिलाती धूप के बीच पुलिसकर्मी पेड़ के नीचे खड़े होकर वाहनों की जांच करने को मजबूर हैं. स्थानीय लोगों ने भी प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाए हैं.

भीषण गर्मी में पेड़ की छांव बनी सहारा

पंजवारा चेकपोस्ट अंतर्राज्यीय सीमा पर स्थित है, जहां दिनभर वाहनों की जांच और निगरानी का काम चलता है. इसके बावजूद यहां ड्यूटी कर रहे जवानों के लिए कोई स्थायी शेड नहीं बनाया गया है. चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों के बीच पुलिसकर्मी पेड़ के नीचे खड़े होकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं.जवानों का कहना है कि दिनभर खुले आसमान के नीचे रहने से तबीयत खराब होने का खतरा बना रहता है. कई बार तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं.

बारिश में और बढ़ जाती है परेशानी

गर्मी के साथ-साथ बारिश का मौसम भी जवानों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. अचानक बारिश होने पर पुलिसकर्मियों को ड्यूटी छोड़कर पास के निजी मकानों या दुकानों में शरण लेनी पड़ती है. इससे सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होती है.स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने संवेदनशील चेकपोस्ट पर जवानों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव बेहद चिंताजनक है.

ड्यूटी से कतराने लगे जवान

चेकपोस्ट की बदहाली का असर अब पुलिसकर्मियों के मनोबल पर भी दिखने लगा है. यहां तैनात जवानों का कहना है कि बिना शेड, पेयजल और बैठने की उचित व्यवस्था के लगातार ड्यूटी करना बेहद मुश्किल हो गया है. दबी जुबान में कई जवान यह भी स्वीकार करते हैं कि अब वे इस चेकपोस्ट पर ड्यूटी लगाने से बचना चाहते हैं.

स्थानीय लोगों ने उठाये सवाल

राहगीरों और स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं. लोगों का कहना है कि जहां सरकार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की बात करती है, वहीं जमीनी स्तर पर जवानों की मूलभूत जरूरतों की अनदेखी हो रही है.स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से जल्द से जल्द शेड, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि जवान सुरक्षित माहौल में अपनी ड्यूटी निभा सकें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: AMIT KUMAR SINH

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >