प्रभारी ने बेच दी बच्चों की किताब
बेलहर: ग्रामीणों ने संकुल समन्वयक अरुण तांती को विद्यालय में बुलाया और मामले की जांच करायी. मानिक लाल यादव, शंभु यादव, सुनील यादव, अजीत यादव, रसिक लाल सोरेन, बबीता देवी, वीणा देवी, नीतीश यादव, राम विलास यादव, गुलशन यादव, धीरेंद्र यादव, सूरज हांसदा सहित अन्य ने समन्वय को बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक मुख्तार अहमद विद्यालय […]
बेलहर: ग्रामीणों ने संकुल समन्वयक अरुण तांती को विद्यालय में बुलाया और मामले की जांच करायी. मानिक लाल यादव, शंभु यादव, सुनील यादव, अजीत यादव, रसिक लाल सोरेन, बबीता देवी, वीणा देवी, नीतीश यादव, राम विलास यादव, गुलशन यादव, धीरेंद्र यादव, सूरज हांसदा सहित अन्य ने समन्वय को बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक मुख्तार अहमद विद्यालय में जालसाजी कर पैसा वसूलते हैं.
बच्चों को न तो ठीक से पढ़ाया जाता है और न ही मध्याह्न् भोजन खिलाया जाता है. पास के प्राइवेट विद्यालय के बच्चों का नामांकन गलत तरीके से करके फर्जी उपस्थिति बनायी जाती है तथा उनके नाम पर योजना का लाभ ले लिया जाता है. किताब विद्यालय के बच्चों को नहीं देकर, प्राइवेट स्कूल के बच्चों को बेच दी जाती है. जांच में प्रभारी प्रधानाध्यापक के बैग से विद्यालय के 2011-12 के स्थानांतरण प्रमाण पत्र मिले, जिसे सीआरसी अरुण कुमार तांती ने जब्त कर लिया. बेचे गये किताब को भी उन्होंने जब्त कर लिया.
दोपहर एक बजे तक बच्चों की उपस्थिति नहीं बनायी गयी थी. मात्र 20 से 25 बच्चे भोजन कर रहे थे.
विद्यालय में नामांकित छात्रों की संख्या वर्ग एक से आठ तक 152 है. एक दिन पूर्व मंगलवार को 124 बच्चों की उपस्थिति बनायी गयी थी. मध्याह्न् भोजन की पंजी विद्यालय में न होकर प्रधानाध्यापक के घर पर थी. प्रभारी प्रधानाध्यापक ने भी सीआरसी के सामने 150 रुपये में विद्यालय स्थानांतरण प्रमाण पत्र बेचने की बात को स्वीकार की. सीआरसी ने कहा कि स्थानांतरण प्रमाण पत्र पुराना है. यह अवैध रूप से बेचा जा रहा है. इसकी जानकारी विभाग को देकर कार्रवाई करने का अनुरोध किया जायेगा. वहीं रेखा कुमारी पिता जगन्नाथ यादव एवं आरती कुमारी पिता दिनेश तांती के नाम से किताब लेने की बात जगन्नाथ यादव ने बतायी, लेकिन विद्यालय की उपस्थिति पंजी में इन छात्रओं का नाम नहीं था.
कहते हैं अधिकारी
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के सेवानिवृत्त होने के कारण, जब जिला शिक्षा पदाधिकारी अभय कुमार से इस संबंध में पूछा गया, तो वह भी मामले को लेकर स्पष्ट बोलने से बचते रहे.