अहंकार विनाश का कारण सिद्ध होता है : हरिआम

फोटो 24 बांका 23, 24 और 25 : प्रवचन के दौरान प्रवचन करते कथावाचक और उपस्थित श्रोता प्रतिनिधि, बाराहाटभगवान ने सृष्टि की रचना बड़ी सोच समझ कर की है. धरा पर जन्म लेनेवाला इंसान अगर लोभ से अछूता रह गया तो उसका जीवन सफल माना जाता है, क्योंकि लोभ ही व्यक्ति को अधिक से अधिक […]

फोटो 24 बांका 23, 24 और 25 : प्रवचन के दौरान प्रवचन करते कथावाचक और उपस्थित श्रोता प्रतिनिधि, बाराहाटभगवान ने सृष्टि की रचना बड़ी सोच समझ कर की है. धरा पर जन्म लेनेवाला इंसान अगर लोभ से अछूता रह गया तो उसका जीवन सफल माना जाता है, क्योंकि लोभ ही व्यक्ति को अधिक से अधिक धन अर्जन करने के लिये प्रेरित करता रहता है. इसमें अक्सर इंसान अहंकारी बन जाता है, जो अंतत: उसके नाश का कारण बनती है. राजा बलि व भष्मासुर के साथ भी ऐसा ही हुआ था, जब एक छोटे से कद के मानव ने राजा बलि का सारा अहंकार खत्म कर दिया था व भगवान शिव के वरदान से अहंकारी बना भष्मासुर आखिरकार अपने ही वरदान से स्वाहा हो गया था. अपने प्रवचन के दौरान भक्तों के बीच प्रखंड के राजबांध गांव में भागवत कथा के छठे दिन हरिओम जी महाराज ने यह बातें कही. कथा वाचन को संगीत कलाकार प्रमोद कुमार व पप्पू कुमार ने अपनी गायकी से और भी भक्तिमय बना दिया. मौके पर गांव के राजीव चौहान, विश्वनाथ चौहान, सुनील कुमार, धर्मेंद्र कुमार, महेंद्र कुमार, कविराज, लाल बाबा, राजू कुमार सहित अन्य मौजूद थे.

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