निर्णायक की भूमिका पर उठे सवाल

लाल कार्ड दिखाने के बाद भी समस्तीपुर का खिलाड़ी जमा रहा मैदान मेंनिर्णायक से गोलकीपर ने की बदसलूकी निर्णायक की भूमिका पर जिला फुटबॉल संघ बिफरा फोटो 18 बांका : 25 खेल से संबंधित तसवीर प्रतिनिधि, बांकाशहर स्थित आरएमके उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित 65 वें मोइनुल हक फुटबॉल चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल मैच […]

लाल कार्ड दिखाने के बाद भी समस्तीपुर का खिलाड़ी जमा रहा मैदान मेंनिर्णायक से गोलकीपर ने की बदसलूकी निर्णायक की भूमिका पर जिला फुटबॉल संघ बिफरा फोटो 18 बांका : 25 खेल से संबंधित तसवीर प्रतिनिधि, बांकाशहर स्थित आरएमके उच्च विद्यालय के मैदान में आयोजित 65 वें मोइनुल हक फुटबॉल चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल मैच में निर्णायक महोदय की भूमिका संदेहास्पद रही. इस संबंध में जिला फुटबॉल संघ ने कहा कि मध्यांतर के बाद समस्तीपुर के खिलाड़ी जरसी नंबर-17 लाल कार्ड दिखाने के बाद भी मैदान में बना रहा. गोलकीपर ने निर्णायक के साथ अभद्रता भी की. बावजूद समस्तीपुर की टीम पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. इस संबंध में तकनीकी पर्यवेक्षक ज्वाला प्रसाद सिन्हा ने कहा कि निर्णायक का निर्णय सर्वमान्य होता है. जब निर्णायक ने लाल कार्ड दिखाया, तो उसका पालन क्यों नहीं किया गया. वहीं जिला फुटबॉल संघ के सचिव संजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि बांका की फुटबॉल टीम को बिहार फुटबॉल टीम के पदाधिकारी देखना नहीं चाहते हैं, या फिर इस कार्यक्रम में अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं. क्वार्टर फाइनल का मैच फिर से कराने की गुहार जिला फुटबॉल संघ ने बिहार फुटबॉल संघ से की है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसके लिए खेल प्रेमी सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होंगे. इसकी जिम्मेदारी बिहार फुटबॉल संघ की होगी.

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