मंदार में उमड़ पड़ा आस्था का सैलाब

बौंसी : धर्म, आस्था और पौराणिक गाथाओं का केंद्र मंदार पर्वत जहां कभी देवता और दानव के बीच समुद्र मंथन हुआ था. आज भी इन कथाओं को जीवंत कर देने वाली मान्यता को फिर से यादव करने लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब मंदार में उमड़ पड़ा. सर्व धर्म का प्रतीक मंदार पर्वत में सफा, हिंदू और […]

बौंसी : धर्म, आस्था और पौराणिक गाथाओं का केंद्र मंदार पर्वत जहां कभी देवता और दानव के बीच समुद्र मंथन हुआ था. आज भी इन कथाओं को जीवंत कर देने वाली मान्यता को फिर से यादव करने लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब मंदार में उमड़ पड़ा. सर्व धर्म का प्रतीक मंदार पर्वत में सफा, हिंदू और जैन धर्म के लोगों ने पवित्र पापहरणी सरोवर में महा स्नान किया. पश्चिम बंगाल, असम, झारखंड सहित बिहार के कोने – कोने से पहुंचे श्रद्धालु यहां दो दिन पहले से आ रहे हैं. आज भी श्रद्धालुओं का आना जारी रहेगा. 2. मंदार मेला : जहां मन मंदिर और दिल में खिलते हैं सद्भाव के फूल बौंसी : मंदार मेला जहां विविध धर्म, भाषा, जाति के लोग लाखों की संख्या में आते हैं. एक माह तक चलने वाली इस मेले में आस्था और पवित्रता के बीच भाईचारा सद्भाव का नमूना भी देखने को मिलता है. मेले में अमीरी-गरीबी, ऊंच-नीच, जाति-मजहब की दीवार टूट जाती है.

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