शंभुगंज : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शंभुगंज में गुरुवार को प्रसव के लिए भरती महिला की रात में मौत हो गयी. इससे गुस्साये परिजनों ने शंभुगंज-असरगंज मुख्य पथ पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार के पास शुक्रवार को रोड जाम कर दिया. जाम करीब छह घंटे तक लगा रहा. दोनों तरफ सैकड़ों गाड़ी फंस गयी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से प्रसूता की मौत हुई.
प्रसूता की मौत, छह घंटे जाम
शंभुगंज : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शंभुगंज में गुरुवार को प्रसव के लिए भरती महिला की रात में मौत हो गयी. इससे गुस्साये परिजनों ने शंभुगंज-असरगंज मुख्य पथ पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य द्वार के पास शुक्रवार को रोड जाम कर दिया. जाम करीब छह घंटे तक लगा रहा. दोनों तरफ सैकड़ों गाड़ी फंस गयी, […]

* रात दो बजे के बाद किया गया था रेफर : करसोप गांव के अशोक यादव की पत्नी बुच्ची देवी (28 वर्ष) को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शंभुगंज में गुरुवार की सुबह प्रसव के लिए भरती कराया गया था. उसकी मौत गुरुवार की रात में हो गयी. महिला के परिजन अशोक यादव, सतीश प्रसाद यादव, विलास यादव, संजीव यादव, मेघा देवी सहित अन्य का आरोप था कि डॉक्टर द्वारा उचित देख भाल नहीं की गयी, जिससे बुच्ची देवी की मौत हो गयी.
वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि प्रसूता को जिस समय स्वास्थ्य केंद्र में भरती किया गया, उस समय आउटडोर में डॉ कौशल्या की ड्यूटी थी. उन्होंने उसकी जांच के बाद इनडोर में भरती किया. रात दो बजे के बाद डॉ शैलेंद्र कुमार की ड्यूटी थी. इसके बाद प्रसूता को रेफर कर दिया गया. परिजनों ने उसे बाहर ले जाने में देरी कर दी, जिससे बुच्ची देवी की मौत हो गयी.
* ग्रामीणों ने की जांच की मांग
स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार पंकज ने बताया कि प्रसूता को स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध दवा दी गयी. स्थिति गंभीर होने पर रेफर कर दिया गया था. ग्रामीणों ने बताया कि डॉक्टर की लापरवाही से ही प्रसूता की मौत हुई है. घटना से गुस्साये ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया व मुआवजा देने व डॉक्टर की लापरवाही की जांच वरीय पदाधिकारी द्वारा करने की मांग की.
सड़क जाम की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पवन कुमार सिंह घटनास्थल पर अपने दल-बल के साथ पहुंच कर परिजनों को सरकार द्वारा मिलने वाली लाभ दिलाने के आश्वासन के बाद जाम तोड़ा गया. थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक के परिजनों द्वारा थाने में प्राथमिकी की दर्ज नहीं करायी गयी है. इसलिए शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेज कर उनके परिजनों को सौंप दिया गया.