बांका. ठंड व शीतलहर से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. शाम होते ही बाजार की दुकानें बंद हो जाती है. ऐसे में राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. क्योंकि शहर के चौक-चौराहों पर ठंड से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था अभी तक नहीं की गयी है. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि इस कनकनी भरी ठंड में अलाव की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बढ़ गयी है. लोग शहर में बिखरे पॉलीथिन को जला कर कुछ राहत ले रहे हैं.
ठिठुर रहे लोग, अलाव की व्यवस्था नहीं
बांका. ठंड व शीतलहर से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. शाम होते ही बाजार की दुकानें बंद हो जाती है. ऐसे में राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. क्योंकि शहर के चौक-चौराहों पर ठंड से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था अभी तक नहीं की गयी है. स्थानीय दुकानदारों […]
