निजी अस्पताल में मरीजों को ले जाने के मामले में 13 आशा कार्यकर्ता चयन मुक्त

निजी अस्पताल में मरीजों को ले जाने के मामले में 13 आशा कार्यकर्ता चयन मुक्त

बांका. अस्पतालों में घटती संस्थागत प्रसव एवं निजी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए गर्भवती महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला सामने आने पर 13 आशा कार्यकर्ताओं को चयन मुक्त कर दिया गया है. यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने विगत दिनों की है. बताया गया कि संबंधित आशा कार्यकता द्वारा कार्य करने में रूची नहीं ली जा रही थी. साथ ही साथ निजी अस्पतालों में प्रसव कराने के लिए गर्भवती महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाया जा रहा था. इस वजह लाभार्थियों को सरकारी संस्थानों के स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था व उससे इलाज के लिए मोटी रकम भी वसूली जा रही थी. वैसे चिन्हित 13 आशा कार्यकर्ताओं को चयन मुक्त किया गया. चयन मुक्त आशा कार्यकर्ताओं में अमरपुर प्रखंड से बीबी समसीरा, नंदनी कुमारी, चांदन प्रखंड से टींकु कुमारी, कटोरिया प्रखंड से सोबिया देवी, सविता कुमारी, लाल दास, बांका प्रखंड से ललिता कुमारी, बौंसी प्रखंड से रंभा कुमारी, रानी कुमारी, कुंदन देवी, रेखा कुमारी, आशा देवी, सुनीता देवी व गौरी कुमारी शामिल है. वहीं इसी क्रम में शुक्रवार को तीन आशा कार्यकर्ता जमीला खातुन, बेबी कुमारी व निर्मला कुमारी को भी प्रदर्शन में कमी पर चयन मुक्त किया गया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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