जल्द ही सदर थाने में पुलिस जवानों के साथ भी खेलते हुए दिखेंगे बच्चे

बांका : पुलिस का नाम सुनते ही दिमाग में पहली तस्वीर कड़कदार व हनकादार आवाज से लवरेज व्यक्ति की उभरती है. लेकिन, अब यही पुलिस उदार भाव में भी दिखेगी और बच्चों के साथ खेलते भी नजर आयेंगे. जी हां, इसके लिए सूबे के प्रत्येक जिले में एक थाना को चिल्ड्रेन फ्रेंडली का रूप दिया […]

बांका : पुलिस का नाम सुनते ही दिमाग में पहली तस्वीर कड़कदार व हनकादार आवाज से लवरेज व्यक्ति की उभरती है. लेकिन, अब यही पुलिस उदार भाव में भी दिखेगी और बच्चों के साथ खेलते भी नजर आयेंगे. जी हां, इसके लिए सूबे के प्रत्येक जिले में एक थाना को चिल्ड्रेन फ्रेंडली का रूप दिया जायेगा.

इस रणनीति के तहत जिला मुख्यालय स्थिति बांका सदर थाना का चयन किया गया है. जल्द ही सदर थाना को बाल मित्र थाना के रूप में ढाल दिया जायेगा. इसके लिए विभागीय प्रक्रिया शुरू हो गयी है.
जानकारी के मुताबिक नेशलन कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स(एनसीपीसीआर) के तहत यह अनूठी पहल की शुरुआत की जा रही है. चिल्ड्रेन फ्रेंडली थाना में भटके बच्चे को मानसिक रूप से स्वस्थ बनाने के लिए खेल के संसाधन की व्यवस्था की जायेगी. इसके लिए थाना अंतर्गत एक कक्ष को चयन किया जायेगा. जहां सभी खेल संसाधनों के साथ बच्चों को रखा जा सके.
दीवारों पर उकेरे जायेंगे मनोरंजक कार्टून . सदर थाना में एक हॉल चिह्नित कर पसंदीदा कार्टून दीवारों पर उकेरे जायेंगे. कहीं जानवर, तो कहीं पक्षी का चित्र बनाया जायेगा. इसके साथ ही बच्चों के लिए यहां पर खिलौने, टीवी, कुर्सी व टेबल का इंतजाम किया जायेगा. इसके साथ ही खेल कीट की भी आपूर्ति की जायेगी.
दरअसल, अपने परिवार से बिछुड़कर अक्सर बच्चा थाना पहुंच जाता है. थाना में अंजान व खासकर पुलिस को देख कर बच्चे सिर्फ रोते हैं. जिस वजह से वह अपना नाम, पिता का नाम व घर का पता सहित जरूरी जानकारी देने में असमर्थ रहते हैं. बच्चों के मन से भय दूर करने के लिए यह तरकीब अपनायी जा रही है. ताकि बच्चा मानसिक रूप से स्वस्थ होकर पुलिस की मदद कर सके.

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