रैन बसेरा बना है गरीबों का एकमात्र ठिकाना

बांका : भीषण गर्मी के बीच लोगो का जीवन कष्टमय हो गया है. अलबत्ता, तेज धूप में पानी व छांव को ढूंढने में लोग व्याकुल नजर आते हैं. इस बीच शहर के सरकारी बस स्टेंड में बने रैन बसेरा सह आश्रय स्थल से गरीबों को काफी राहत मिल रही है. हालांकि, कभी-कभी यहां रात्रि सेवा […]

बांका : भीषण गर्मी के बीच लोगो का जीवन कष्टमय हो गया है. अलबत्ता, तेज धूप में पानी व छांव को ढूंढने में लोग व्याकुल नजर आते हैं. इस बीच शहर के सरकारी बस स्टेंड में बने रैन बसेरा सह आश्रय स्थल से गरीबों को काफी राहत मिल रही है. हालांकि, कभी-कभी यहां रात्रि सेवा ठप रहने की शिकायत आती है. परंतु, इस बिंदू को दरकिनार करें तो यह गर्मी में काफी राहत देने वाला है.

खासकर लोगों को रात में ठहने का एक उत्तम स्थान मिल जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, इसी वर्ष 23 जनवरी को को नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा व राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम नारायण मंडल 49.9 लाख की लागत से निर्मित इस आश्रय स्थल का शुभारंभ किया था.
जानकारी के मुताबिक यहां कुल 50 बेड की सुविधा है. महिलाओं के लिए अतिरिक्त बेड की व्यवस्था है. प्रत्येक बेड का 30 रुपया भुगतान लिया जाता है. आश्रय स्थल की जिम्मेदारी स्वयंसेवी संस्था को दी गयी है. लिहाजा, साफ-सफाई की उत्तम व्यवस्था नजर आती है.
हालांकि, अब तक सीसीटीवी व टेलीविजन की आपूर्ति नहीं हुई है. जिसकी वजह सुरक्षा व मनोरंजन के दृष्टिकोण से कमी नजर आ रही है. हालांकि, जिले की इतनी बड़ी आबादी में एक मात्र रैन बसेरा से राहत संभव नहीं है. लिहाजा, आज भी बड़ी संख्या में राहगीर इधर-उधर भटकते रहते हैं. जानकारी के मुताबिक चार फरवरी से यहां राहगीरों ठहरने की सुविधा दी गयी. अबतक करीब 72 लोग यहां आकर ठहरे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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