हड़ताल से बौंसी के 10 बैंकों में लटके रहे ताले, पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित

आवश्यक कार्यों के लिए बैंक पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा

बौंसी. केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में विभिन्न बैंक कर्मचारी संगठनों की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का असर गुरुवार को बौंसी शहर में व्यापक रूप से देखने को मिला. प्रखंड क्षेत्र के करीब 10 सरकारी एवं निजी बैंकों के कर्मचारियों और क्लर्कों ने हड़ताल का समर्थन किया. इसके कारण पूरे दिन बैंकिंग कार्य पूरी तरह ठप रहा. यूको बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, ग्रामीण बैंक, स्टेट बैंक, बंधन बैंक सहित अन्य बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल में भाग लिया.

उपभोक्ता रहे परेशान

हड़ताल के चलते दिनभर लेन-देन, चेक क्लियरेंस, नकद जमा-निकासी और अन्य बैंकिंग सेवाएं बाधित रहीं. अनुमान के अनुसार, केवल बौंसी प्रखंड में ही लगभग पांच करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ. बैंक बंद रहने से आम ग्राहकों, व्यापारियों और छोटे व्यवसायियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई लोग आवश्यक कार्यों के लिए बैंक पहुंचे, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा.

एटीएम पर भी दिखा असर

हड़ताल का असर एटीएम सेवाओं पर भी पड़ा. शहर के कई एटीएम में नकदी की कमी देखी गयी. हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अधिकांश शाखाओं में कामकाज पूरी तरह बंद रहा.

कर्मचारियों की प्रमुख मांगे

बैंक कर्मचारी अरविंद, किशोर, नितेश, दीपू, पंकज, कुंज, मनोज सहित कई कर्मी हड़ताल का समर्थन कर रहे थे. सभी ने एक स्वर में सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की. हड़ताल का समर्थन करने वाले कर्मचारी संगठनों ने सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं.सार्वजनिक बैंकों को मजबूत किया जाये, बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआइपर रोक, आउटसोर्सिंग एवं ठेकाकरण व्यवस्था समाप्त की जाये, पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाये, फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट योजना वापस ली जाये. कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी बैंकों का निजीकरण और कॉरपोरेट घरानों को बढ़ावा देने वाली नीतियां आम ग्राहकों और कर्मचारियों दोनों के हित में नहीं हैं. हड़ताल का बौंसी में भी व्यापक प्रभाव पड़ा और पूरे दिन बैंकिंग गतिविधियां बाधित रहीं.

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लेखक के बारे में

Published by: Shubhash baidya

सुभाष वैद्य प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के बांका कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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