मां कहलाने की चाह में किया बच्चों का अपहरण, चार साल बाद खुला राज

Aurangabad News: ओबरा में चार वर्षीय आदविक और चार साल पहले अगवा किए गए शिवम पांडेय को पुलिस ने गया से बरामद कर लिया. मामले में महिला रंजू देवी, उसकी बहन मंजू देवी और पति रविंद्र प्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. पूछताछ में रंजू देवी ने बताया कि निस्संतान होने और समाज के तानों से परेशान होकर उसने बच्चों का अपहरण किया था.

Aurangabad News(ब्रजेश द्विवेदी): चार वर्षीय आदविक और चार वर्ष पहले शिवम के अपहरण के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार महिला रंजू देवी, मंजू देवी और रंजू देवी के पति रविंद्र प्रसाद को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उल्लेखनीय है कि देवी मंदिर के पास से वट सावित्री पूजा के दौरान जिले के ओबरा निवासी सुधीर प्रसाद के पुत्र चार वर्षीय आदविक एवं चार वर्ष पूर्व अरवल जिला के केयाल निवासी अनूप पाण्डेय के पुत्र शिवम पांडेय का अपहरण रंजू देवी द्वारा कर लिया गया था.

बच्चा नहीं होने की वजह से किया अपहरण

पुलिस ने गयाजी जिले के डेल्हा थाना क्षेत्र के खरखुरा मुहल्ले से दोनों बच्चों को बरामद करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने रंजू के अलावे मंजू देवी और रंजू देवी के पति रविंद्र प्रसाद के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की है. एसएचओ नीतीश कुमार ने बताया कि पूछ-ताछ के क्रम में रंजू देवी ने संलिप्तता स्वीकार करते हुए पुलिस को बताया कि वह निस्संतान थी. उसे बच्चा नहीं हो रहा था, जिसके कारण लोग हेय दृष्टि से देखते थे. समाज में देखना तो दूर बात भी नहीं करते थे और बांझ कहकर पुकारते थे.

बच्ची समझकर बच्चा का अपहरण किया

उसने पुलिस को बताया कि चार वर्ष पूर्व शिवम को पाला-पोसा और वह मां कहलाने लगी. लेकिन एक बच्ची की भी कमी महसूस होने लगी, जिसे देखते हुए वह फिर ओबरा देवी मंदिर के पास वट वृक्ष पूजा के दौरान पहुंची और बच्ची समझकर बच्चा का अपहरण कर ले गयी. लेकिन वह बेटी नहीं बल्कि बेटा था. उस बच्चे का बाल बड़े रहने के कारण बच्ची समझ कर उठाई थी. लेकिन फिर भी निर्णय लिया कि इसे भी वह पालेगी और दो बेटे की मां कहलायेगी. उसने समाज में मां- पिता का सम्मान पाने के उद्देश्य से यह काम किया न कि अन्य उद्देश्यों से.

एसएचओ ने क्या बताया ?

थानाध्यक्ष ने बताया कि रंजू देवी रविंद्र प्रसाद की पत्नी है, जिनका घर कोच थाने के मजाठी गांव में है. जबकि इसकी बहन मंजू देवी पौथू थाने के झिंगुरी गांव की निवासी है. जिसे रंजू देवी सहयोग करती थी. थानाध्यक्ष ने बताया कि न्यायालय में बरामद बच्चों का बयान कराया जाएगा. यह घटना पूरे ओबरा में चर्चा का विषय बना हुआ है. थाना परिसर मे भी बच्चे को देखने को भीड़ लग रही है.

ओबरा देवी मंदिर से हुआ था अपहरण

जांच में सामने आया की 30 मई 2022 को वट सावित्री पूजा के अवसर पर ओबरा देवी मंदिर परिसर से शिवम कुमार अचानक लापता हो गया था. शिवम अरवल जिले के करपी थाना क्षेत्र के केयाल गांव निवासी अनूप पांडेय का पुत्र है. घटना के समय उसका परिवार ओबरा के इमबाड़ा रोड स्थित कृष्णा पाठक के मकान में किराए पर रह रहा था. पूजा के दौरान बच्चे के अचानक गायब हो जाने से परिवार में कोहराम मच गया था. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया. इसके बाद ओबरा थाना में कांड संख्या 223/22 दिनांक 30 मई 2022 के तहत धारा 363 आईपीसी के अंतर्गत मामला दर्ज कराया गया था. हैरानी की बात यह है कि आद्विक नामक बच्चे को भी पुलिस ने इसी महिला के पास से सकुशल बरामद किया था.

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Published by: Suryakant Kumar

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