औरंगाबाद जिले के बारुण नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर कथित अवैध वसूली का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. वार्ड संख्या-10 के पार्षद सुरेंद्र कुमार पर योजना का लाभ दिलाने और वंशावली बनवाने के नाम पर 25 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है. इस मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. हालांकि, प्रभात खबर वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.
महिला ने लगाए 25 हजार रुपये लेने के आरोप
वायरल वीडियो में एक स्थानीय महिला वार्ड पार्षद पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा कर रही है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने और वंशावली तैयार कराने के नाम पर उससे 25 हजार रुपये लिए गए. महिला का आरोप है कि पैसे नहीं देने पर योजना का लाभ नहीं मिलने और वंशावली नहीं बनने की बात कही गई थी.
मुख्य पार्षद ने जांच का दिया भरोसा
वीडियो वायरल होने के बाद नगर पंचायत के मुख्य पार्षद ने मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी. इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं.
वार्ड पार्षद ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
वार्ड पार्षद सुरेंद्र कुमार ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि आरोप पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित हैं. उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो में महिला से जबरन बयान दिलवाया गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि वे किसी भी प्रकार की जांच के लिए तैयार हैं और जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी.
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
सरकारी योजनाओं में कथित अवैध वसूली के आरोपों के बाद स्थानीय लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है. लोगों का कहना है कि लाभार्थियों का भरोसा बनाए रखने और नगर पंचायत की साख कायम रखने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. अब सभी की नजर विभागीय जांच पर टिकी है कि आरोपों में कितनी सच्चाई सामने आती है.
