Aurangabad News : प्रखंड की रतनपुर पंचायत के अतरौली बिगहा गांव में विकास कार्य नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार की नल-जल, मनरेगा और सात निश्चय योजना के तहत गांव में अपेक्षित काम धरातल पर नहीं हुआ है. इसको लेकर ग्रामीणों ने पंचायत की मुखिया मंजू देवी और संबंधित विभाग के अधिकारियों के प्रति नाराजगी जतायी. ग्रामीण पंचायत सरकार भवन के समीप एकत्र हुए और अपनी समस्याएं रखीं.
नल-जल और नाली की सुविधा नहीं मिलने से परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नल-जल की सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, नाली निर्माण नहीं होने से घरों से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि सात निश्चय योजना के तहत गांव में कई विकास कार्य होने थे, लेकिन अब तक एक भी सरकारी कार्य नहीं हुआ है.
मुखिया के उदासीन रवैये का लगाया आरोप
संजय राम, रामजी राम, रूपदेव राम, तपेश्वर राम, टुनटुन पासवान, बसंत शर्मा, उपेंद्र राम, जनेश्वर राम, सुरेश राम और लालमोहन पासवान समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुखिया के उदासीन रवैये के कारण अतरौली बिगहा में विकास कार्य बाधित हैं. ग्रामीणों ने कहा कि इस संबंध में तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी मो. यूनुस सलीम और संबंधित विभाग के अधिकारियों को पहले भी जानकारी दी गयी थी, लेकिन इसके बावजूद महादलित परिवारों की आबादी वाले इस गांव में विकास कार्य नहीं कराया गया.
पंचायत सरकार भवन में घटिया पेंट का भी आरोप
ग्रामीणों ने पंचायत सरकार भवन में कराये गये पेंट कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया. उनका आरोप है कि मुखिया के नेतृत्व में कराये गये पेंट का काम घटिया गुणवत्ता का था, जो एक वर्ष के भीतर ही उखड़ने लगा. ग्रामीणों ने इस मामले की भी जांच कराने की मांग की.
मांगें पूरी नहीं हुईं तो धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन की ओर से जल्द पहल नहीं की गयी और गांव में विकास कार्य शुरू नहीं हुए, तो वे धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे. ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत चुनाव में भी विकास कार्यों की अनदेखी का जवाब दिया जायेगा.
मुखिया बोलीं- आरोप निराधार, योजनाओं के अनुसार हो रहा काम
वहीं, ग्रामीणों के आरोपों पर पंचायत की मुखिया मंजू देवी और उनके प्रतिनिधि अजय प्रजापति ने कहा कि सात निश्चय योजना अब उनके क्षेत्र में संचालित नहीं है. इसके स्थान पर अन्य योजनाओं के तहत कार्य कराये जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि नल-जल योजना का संचालन पीएचईडी विभाग की ओर से किया जा रहा है. मुखिया प्रतिनिधि ने कहा कि नाली निर्माण का कार्य सरकार की ओर से उपलब्ध करायी गयी राशि के अनुसार विभिन्न गांवों में कराया जा रहा है. यदि सरकार पर्याप्त राशि उपलब्ध कराती है, तो पंचायत में विकास कार्यों में और तेजी लायी जायेगी. मुखिया ने ग्रामीणों की ओर से लगाये गये आरोपों को निराधार बताया.
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