रमेश चौक पर चला वाहन जांच अभियान, दो लाख के कटे चालानरी

परिवहन विभाग के कर्मियों ने यातायात नियमों की दी जानकारी

परिवहन विभाग के कर्मियों ने यातायात नियमों की दी जानकारी औरंगाबाद ग्रामीण. शहर के रमेश चौक पर गुरुवार को परिवहन विभाग द्वारा सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया. इस दौरान रमेश चौक के चारों तरफ से आने-जानेवाले सभी वाहनों की बारीकी से जांच की गयी. अभियान में डीटीओ शैलेश दास, एडीटीओ संतोष कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे. बड़ी बात यह है कि वाहन चेकिंग अभियान से कुछ देर पहले रमेश चौक पर चहल पहल थी. चारों तरफ वाहन लगे हुए थे और बेतरतीब तरीके से गाड़ियां जा रही थी. जैसे ही जिला परिवहन की टीम ने रमेश चौक पर वाहन जांच करना शुरू किया, वैसे ही हड़कंप मच गया. सभी लोग अपने-अपने वाहन लेकर इधर-उधर भागने लगे. कुछ ही देर में रमेश चौक पर सन्नाटा पसर गया. कुछ लोगों द्वारा रमेश चौक के आसपास सड़क किनारे चारपहिया वाहन व बाइक लगाये गये थे, जिसे आनन-फानन में हटा लिया गया. डीटीओ की टीम को देखते ही चालान काटने के डर से सभी लोगों ने अपना गाड़ी हटा लिया. डीटीओ की टीम द्वारा रमेश चौक से होकर गुजरने वाले सभी वाहनों की जांच की गयी. हेलमेट, ड्राइविंग लाइसेंस, चारपहिया वाहन के सीट बेल्ट लगाकर न चलने वाले वाहनों का चालान काटा गया और आगे से उनलोगों को नियम का पालन करते हुए वाहन चलाने की आदेश भी दिया. वहीं शहर में सीट से अधिक सवारी लेकर ऑटो चलाने वाले वाहनों का भी चालान काटा गया. इस दौरान लगभग 82 वाहनों से दो लाख रुपये का चालान काटा गया. वहीं, दो को जुबेनाइल ट्रायल में भेजा गया. डीटीओ शैलेश दास ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है. जिला प्रशासन द्वारा किसी को परेशान किये जाने का मकसद नही है. बस जिलेवासियों से अपील है कि वे नियम का पालन करते हुए वाहन चलाये. खुद की सुरक्षा स्वयं करें. एडीटीओ संतोष कुमार ने बताया कि गुरुवार को रमेश चौक पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया है. लाखों रुपये का चालान भी काटा गया है. बिना हेलमेट, बिना लाइसेंस के चलने वालों लोगों को नियम का पालन करते हुए चलने का आदेश भी दिया गया है. दिन प्रतिदिन दुर्घटना में लोगों की मौत हो रही है. इसी को देखते हुए अभियान चलाया जा रहा है. परिवहन विभाग की टीम द्वारा लोगों के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है. उन्होंने परिजनों से आग्रह किया है कि 18 से कम उम्र के बच्चों को बाइक देकर बाजार अथवा किसी अन्य काम के लिए न भेजें. वहीं उन्होंने 18 वर्ष की उम्र से कम ऑटो चालक को भी वाहन चलाने से मना किया है. कहा कि अगर आप एक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे तो कुछ लोग आपको देखकर सीखेंगे और उनके अंदर भी जागरूकता आयेगी. जिला परिवहन अकेले कुछ नहीं कर सकती है. इसके लिए सभी लोगों को एक साथ जागरूक होना होगा.

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By Sujit kumar

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