आज थम जायेगा चुनावी शोर, प्रत्याशियों ने झोंकी पूरी ताकत

POLITICAL NEWS AURANGABAD.जैसे-जैसे मतदान की घड़ी नजदीक आ रही है, चुनावी माहौल अपने चरम पर पहुंच गया है. लगातार दिग्गत नेताओं की जनसभा व दौरों के बाद अब आज रविवार की शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार का शोर थम जायेगा.

जिले के सभी छह विधानसभा सीटों के लिए 11 नवंबर को डाले जायेंगे वोट

औरंगाबाद शहर.

जैसे-जैसे मतदान की घड़ी नजदीक आ रही है, चुनावी माहौल अपने चरम पर पहुंच गया है. लगातार दिग्गत नेताओं की जनसभा व दौरों के बाद अब आज रविवार की शाम पांच बजे से चुनाव प्रचार का शोर थम जायेगा. इसके बाद प्रत्याशी चुनावी प्रचार या किसी नेताओं की जनसभा का आयोजन नहीं कर सकेंगे. जिले के सभी छह विधानसभा सीटों के लिए 11 नवंबर को वोट डाले जायेंगे. शनिवार को पूरे जिले में नेताओं और प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक जनसभाओं और जनसंपर्क की गूंज सुनायी दी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रफीगंज में एनडीए प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया, तो वहीं चिराग पासवान ने भी अलग क्षेत्र में जनसमर्थन जुटाने के लिए जनसभाएं कीं. दोनों नेताओं ने जनता से एनडीए उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताने की अपील की. दूसरी ओर महागठबंधन के प्रत्याशी भी पीछे नहीं रहे. उन्होंने भी घर-घर दस्तक देकर मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए प्रेरित करने की हर कोशिश की. अन्य पार्टी के प्रत्याशी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी पदयात्रा की और जनसभा को संबोधित किया. अब नो नवंबर की शाम से प्रचार पूरी तरह बंद हो जायेगा. इसके बाद मतदाता अपने मन की राय बनायेंगे. चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कोई भी प्रत्याशी प्रचार या जनसभा नहीं कर सकेगा. प्रत्याशी अब सिर्फ व्यक्तिगत संपर्क से जुड़ने की कोशिश करेंगे. वैसे अब 11 नवंबर को होने वाले मतदान पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जब जनता अपने मताधिकार से तय करेगी कि कौन जनप्रतिनिधि बनेगा और किसे जनता का आशीर्वाद मिलेगा. बता दें कि 14 नवंबर को मतगणना करायी जायेगी.

प्रत्याशियों के खर्चे पर प्रशासन की नजर, तीसरी बार ब्यौरा की जांच

औरंगाबाद शहर.

विधानसभा चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अधिकृत व्यय प्रेक्षक सुधाकर शुक्ला ने रफीगंज, ओबरा और गोह विधानसभा क्षेत्रों के प्रत्याशियों की तृतीय लेखा जांच की. यह जांच औरंगाबाद जिले के वाणिज्य कर कार्यालय परिसर स्थित निर्वाचन व्यय लेखा अनुश्रवण कोषांग में की गयी. इस दौरान प्रत्येक प्रत्याशियों व उनके अधिकृत लेखा प्रतिनिधि उपस्थित रहे. व्यय प्रेक्षक ने उम्मीदवारों के निर्वाचन व्यय से संबंधित सभी अभिलेखों, कैश बुक, व्यय रजिस्टर, वाउचर, बिल, प्रचार सामग्री, पोस्टर-बैनर व्यय, वाहन उपयोग एवं ईंधन संबंधित विवरण, सभा आयोजन व्यय, प्रचार वाहन परमिट व अन्य सभी लेखा दस्तावेजों की बिंदुवार व गहन समीक्षा की. उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित निर्वाचन व्यय सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए. उन्होंने सभी प्रत्याशियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक व्यय का उचित अभिलेख रखें और उसे निर्वाचन व्यय अनुश्रवण शाखा में निर्धारित समय पर प्रस्तुत करें, ताकि व्यय लेखा की पारदर्शिता बनी रहे. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य है कि चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे. कोई भी प्रत्याशी निर्धारित सीमा से अधिक व्यय न करें. व्यय प्रेक्षक ने उम्मीदवारों को यह भी निर्देश दिया कि वे प्रचार सामग्री के प्रकाशन या प्रचार वाहनों के उपयोग के समय मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का पालन करें और किसी भी प्रकार की भ्रामक या अप्रामाणिक सूचना के प्रचार से बचें. उन्होंने वहां उपस्थित सहायक व्यय प्रेक्षक, लेखा संधारण प्रकोष्ठ और अन्य संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रत्येक प्रत्याशी के व्यय की निरंतर निगरानी हो और सभी रिपोर्ट समय पर आयोग को प्रेषित की जाए. इस अवसर पर राज्य कर संयुक्त आयुक्त सह निर्वाचन व्यय अनुश्रवण कोषांग के नोडल अधिकारी रवि रंजन आलोक, राज्य कर संयुक्त आयुक्त ज्ञानी दास, राज्य कर उपायुक्त संतोष कुमार, राज्य कर सहायक आयुक्त गुंजन कुमार, राज्य कर सहायक आयुक्त अनामिका कुमारी, सहायक व्यय प्रेक्षक, वाणिज्य कर विभाग के पदाधिकारी, जिला निर्वाचन कार्यालय के प्रतिनिधि और अनुश्रवण कोषांग के कर्मी उपस्थित रहे.

समन्वय और सहयोग की भावना के साथ कार्य हो रहा

निर्वाचन व्यय लेखा कोषांग के नोडल पदाधिकारी रवि रंजन आलोक ने बताया कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला दंडाधिकारी श्रीकांत शास्त्री के मार्गदर्शन में समन्वय और सहयोग की भावना के साथ कार्य हो रहा है. उन्होंने सहायक व्यय प्रेक्षक को निर्देश दिया है कि चुनाव आचार संहिता के अनुपालन, व्यय अनुश्रवण और मतदाता सुविधा के सभी पहलुओं पर सतत निगरानी रखी जाए, ताकि जिले में स्वच्छ, शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो सके. अंत में व्यय प्रेक्षक श्रीशुक्ला ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग से निर्धारित सभी दिशा-निर्देशों का पालन प्रत्येक स्तर पर आवश्यक है और पारदर्शिता ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है.

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Published by: Vikash kumar

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