टाउन हॉल के जीर्णोद्धार खर्च होगा एक करोड़ 34 लाख रुपया

काराकाट सांसद के पहल पर आरबीसीएल की सीएसआर फंड से होगा काम, पहले चरण में खर्च होंगे 50 लाख रुपये

काराकाट सांसद के पहल पर आरबीसीएल की सीएसआर फंड से होगा काम

पहले चरण में खर्च होंगे 50 लाख रुपये

प्रतिनिधि, दाउदनगर.

शहर में प्रशासनिक या गैर प्रशासनिक स्तर पर किसी भी प्रकार का कार्यक्रम कराने के लिए सरकारी स्तर पर कोई स्थल नहीं है. जब सांस्कृतिक व मंचीय गतिविधियां आयोजित होती है तो टाउन हॉल का अभाव खलता है. हालांकि, यहां टाउन हॉल तो है, लेकिन उसकी स्थिति ऐसी नहीं है कि उसमें कोई कार्यक्रम कराया जा सके. अब यह सुखाड़ खत्म होने वाला है. अब टाउन हॉल का जीर्णोद्धार कराया जाना है. वर्ष 2002 के आसपास ओबरा के विधायक रहे राजाराम सिंह की अनुशंसा पर ही उनकी ऐच्छिक निधि से टाउन हॉल का निर्माण कराया गया था. अब राजाराम सिंह काराकाट के सांसद हैं. एक बार फिर उनकी पहल पर ही बीआरबीसीएल की सीएसआर फंड से टाउन हॉल का जीर्णोद्धार कराने की पहल की गयी है. सांसद प्रतिनिधि पिंटू सिंह ने बताया कि बिजली उपक्रम बीआरबीसीएल द्वारा इसके लिए इस वित्तीय वर्ष में 50 लाख रुपये की राशि दी जा रही है. इसके लिए बीआरबीसीएल के अधिकारी एसडीओ से आकर मिल भी चुके हैं. पहले फेज में फॉल सीलिंग, दो तरफ बरामदा, चहारदीवारी का निर्माण कराया जायेगा. पीछे के ग्रीन रूम को और चौड़ा किया जायेगा. अगर राशि बच जाती है तो वायरिंग आदि कराये जायेंगे. अन्य कार्य दूसरे फेज में कराये जा सकते हैं. इसे अत्याधुनिक बनाने की कोशिश की जा रही है. जीर्णोद्वार कार्य का स्टीमीट भी बन चुका है. सूत्रों से पता चला कि लगभग एक करोड़ 34 लाख रुपये का स्टीमेट जीर्णोद्धार के लिए बना है. पहले फेज में 50 लाख रुपये से काम कराया जा रहा है.

उपेक्षा का रहा शिकार

दाउदनगर की धरती कलाकारों की धरती रही है.यहां के कलाकारों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना परचम लहराया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर सही हालत में कोई भी ऐसा स्थान नहीं है, जहां स्थानीय कलाकार रिहर्सल कर सकें और अपनी प्रस्तुति दे सकें. दाउदनगर के मौलाबाग में बना टाउन हॉल करीब दो दशक से लगातार उपेक्षा का शिकार रहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाउन हॉल का निर्माण तत्कालीन विधायक राजाराम सिंह की विधायक ऐच्छिक निधि से दो दशक पहले कराया गया था, जो वर्ष 2003-04 में बनकर तैयार हुआ था. उसे आम जनता के लिए उपलब्ध कराया गया. उसके बाद यह लगातार उपेक्षा का शिकार होता गया.

क्या कहते हैं रंगकर्मी

अवकाश प्राप्त अनुमंडल कृषि पदाधिकारी एवं रंगकर्मी द्वारिका प्रसाद उर्फ गुरु जी का कहना है कि यह टाउन हॉल कभी मापदंड पर खरा उतरा ही नहीं. इसमें कही गई बातें जरा भी ठीक से समझ में नहीं आती हैं. किसी तरह का कार्यक्रम कराना मुश्किल है. छत जर्जर हो गया है. इसकी देख-रेख के लिए बनी कमेटी का कोई अता-पता नहीं है. वरिष्ठ रंगकर्मी व श्रीसूर्य मंदिर न्यास समिति के सचिव डॉ संजय कुमार सिंह ने कहा कि नगर भवन को उच्च कोटि का बनाकर इस शहर का ड्रीम प्रोजेक्ट बनाया जा सकता है. एक ऐसा टाउन हॉल का निर्माण होना चाहिए, जो उच्च कोटि का हो. साउंडप्रूफ व मंचीय गतिविधियां बेहतर तरीके से संचालित हो सके. इसके लिए राजनीतिक और प्रशासनिक इच्छाशक्ति की आवश्यकता है.

क्या कहते हैं एसडीओ

एसडीओ अमित राजन ने बताया कि सीएसआर फंड से टाउन हॉल का जीर्णोद्धार कराया जाना है. यह मामला डीएम के संज्ञान में है. डीएम द्वारा ही कार्य करने के लिए एजेंसी को नियुक्त किया जाना है.

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By Sujit kumar

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