155 किलोमीटर औरंगाबाद से हाजीपुर तक होगी जन चेतना संघर्ष पदयात्रा
बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक के नेतृत्व में 19 से होगा शुरू
बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक के नेतृत्व में 19 से होगा शुरू दाउदनगर. बिहटा-औरंगाबाद रेल लाइन संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक मनोज सिंह यादव के नेतृत्व में निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग को लेकर 19 जनवरी से जन चेतना संघर्ष पदयात्रा औरंगाबाद से हाजीपुर तक की जायेगी. यह सात दिवसीय पदयात्रा 155 किलोमीटर की होगी. इसकी सूचना श्री यादव द्वारा अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन के माध्यम से एसडीओ को दी गयी. 19 जनवरी को औरंगाबाद समाहरणालय के पास से पदयात्रा प्रारंभ होगी और ओबरा पहुंच कर रात्रि विश्राम किया जायेगा. 20 जनवरी को ओबरा से जिनोरिया तक के पदयात्रा निकलेगी और जिनोरिया में रात्रि विश्राम किया जायेगा. 21 जनवरी को दाउदनगर होते हुए यह पदयात्रा अरवल जिले में प्रवेश कर जायेगी. श्री यादव ने बताया कि इससे पहले उन्होंने औरंगाबाद डीएम और औरंगाबाद सदर एसडीओ को भी इस पदयात्रा से संबंधित ज्ञापन दे दिया है. यह पदयात्रा सात दिवसीय होगी, जो 19 जनवरी से शुरू होकर 25 जनवरी को हाजीपुर पहुंचकर समाप्त होगी. उन्होंने कहा कि बिहटा-औरंगाबाद रेल परियोजना में औरंगाबाद जिला औरंगाबाद टर्मिनल से अनुग्रह नारायण टर्मिनल तक को बनाने के लिए 24 जुलाई 2024 को 440 करोड़ राशि उपलब्ध होने के बाद भी अभी तक भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया काफी शिथिल है. दूसरे फेज में अनुग्रह नारायण टर्मिनल से बिहटा तक 117 किलोमीटर रेलवे लाइन बनने के लिए 30 सितंबर 2025 को पूर्ण स्वीकृत एवं पूर्ण राशि 3606 करोड़ दिया जा चुका है. इसके बाद भी औरंगाबाद जिला एवं अरवल जिला प्रशासन द्वारा व रेलवे प्रशासन द्वारा भू-अधिग्रहण प्रक्रिया में काफी से शिथिलता बरती जा रही है. बार-बार डीएम से आग्रह करने के बाद भी रेलवे लाइन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. रेलवे संघर्ष समिति ने रेल आंदोलन को तेज करते हुए 19 जनवरी 2026 से औरंगाबाद समाहरणालय के पास से हाजीपुर महाप्रबंधक कार्यालय तक जन संघर्ष पदयात्रा करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि रेलवे संघर्ष समिति लगातार 12 वर्षों से आंदोलन करने के बाद रेल प्रशासन ने रेलवे लाइन बनाने व औरंगाबाद व अरवल जिला को रेलवे लाइन से जोड़ने के लिए स्वीकृति एवं पूर्ण राशि देने का काम किया है. श्री यादव ने कहा कि रेलवे लाइन बनने से चार संसदीय क्षेत्र एवं तीन जिला का जनता का जुड़ाव होगा, जिससे करोड़ों लोगों को लाभ होगा. अरवल-औरंगाबाद के मुख्य यातायात का साधन एनएच 139 सड़क मार्ग है. काफी भीड़-भाड़ के दबाव के कारण प्रायः दुर्घटना हो रही है.इस रेलवे लाइन के बनने के बाद आम जीवन में काफी बदलाव आएगा और विकास की रोशनी अरवल व औरंगाबाद में बढ़ जायेगी. मुख्य संयोजक ने कहा कि जब तक रेलवे लाइन नहीं बनेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा. यह पदयात्रा पांचवीं बार किया जा रहा है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
