दो वर्षों से बंद पड़ी प्रशासन की ‘तीसरी आंख’, सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल प्रतिनिधि, दाउदनगर दाउदनगर स्थित शहीद प्रमोद सिंह चौक पर लगाया गया सीसीटीवी कैमरा अब केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गया है. देखने में ऐसा प्रतीत होता है कि प्रशासन की तीसरी आंख इस महत्वपूर्ण मार्ग पर लगातार नजर बनाये हुए है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. कैमरा पिछले कई वर्षों से खराब पड़ा है और इसका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा है. यह चौक एनएच-120 पर स्थित औरंगाबाद-पटना मुख्य मार्ग को दाउदनगर-नासरीगंज सोन पुल के रास्ते सासाराम, नासरीगंज व वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहरों और तीर्थ स्थलों से जोड़ता है. ऐसे व्यस्त और संवेदनशील मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से कुछ वर्ष पहले प्रशासन द्वारा दाउदनगर-नासरीगंज रोड व दाउदनगर-बारुण रोड के पास सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे. स्थानीय लोगों के अनुसार, कैमरे का स्क्रीन पास की एक दुकान में लगाया गया था. शुरुआत में कैमरे से स्क्रीन तक जाने वाला तार टूट गया था, लेकिन उसकी मरम्मत नहीं करायी गयी. धीरे-धीरे पूरा कैमरा ही खराब हो गया. बताया जाता है कि करीब दो वर्षों से अधिक समय से यह कैमरा बंद पड़ा है, मगर इसे दुरुस्त कराने की दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की गयी है. आज के तकनीकी दौर में सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरों की उपयोगिता लगातार बढ़ती जा रही है. दाउदनगर अनुमंडल मुख्यालय में भी इसकी आवश्यकता साफ महसूस की जा सकती है. शहर के कई घरों, दुकानों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में निजी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनसे निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई है. इसके बावजूद शहर के प्रमुख चौक पर लगा सरकारी सीसीटीवी कैमरा बंद रहना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर कर रहा है.
शोभा की वस्तु बना शहीद प्रमोद सिंह चौक का सीसीटीवी कैमरा
शोभा की वस्तु बना शहीद प्रमोद सिंह चौक का सीसीटीवी कैमरादो वर्षों से बंद पड़ी प्रशासन की ‘तीसरी आंख’, सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

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