टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 300 मरीजों को मिला न्यूट्रीशन किट, डीएम ने कहा- स्क्रीनिंग में औरंगाबाद बना राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल

Aurangabad News : प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत औरंगाबाद में 300 टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार किट वितरित की गई. जिलाधिकारी ने बताया कि जिले ने टीबी स्क्रीनिंग में राज्य के अग्रणी जिलों में स्थान बनाया है.

Aurangabad News : प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में समाहरणालय स्थित नगर भवन में 300 टीबी मरीजों के बीच न्यूट्रीशन किट का वितरण किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने की. कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ. कृष्णा प्रसाद द्वारा जिलाधिकारी को पौधा भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ.

टीबी पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी, नियमित दवा और पौष्टिक आहार जरूरी : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ. कृष्णा प्रसाद ने कहा कि टीबी, जिसे पहले क्षय रोग के नाम से जाना जाता था, अब पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है. समय पर पहचान, लगातार छह माह तक नियमित दवा का सेवन और पौष्टिक आहार से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविकाएं संभावित मरीजों की पहचान कर उनकी जांच कराती हैं. उन्होंने मरीजों से अपील की कि इलाज के दौरान स्थान बदलने पर भी दवा लेना न छोड़ें, क्योंकि यह देश के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क उपलब्ध है.

स्क्रीनिंग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, औरंगाबाद बना राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल : डीएम

जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी का अभियान है. उन्होंने बताया कि अभियान की समीक्षा शुरू होने के समय जिले में टीबी स्क्रीनिंग की संख्या करीब 15 हजार थी, जिसे स्वास्थ्य विभाग की सतत मॉनिटरिंग और टीमवर्क के बल पर मात्र एक माह में बढ़ाकर लगभग 2.90 लाख तक पहुंचा दिया गया. इस उपलब्धि के कारण औरंगाबाद राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल हुआ है. उन्होंने बताया कि वर्तमान में स्क्रीनिंग के साथ 15 से 17 प्रतिशत मरीजों का एक्स-रे भी कराया जा रहा है. जल्द ही जिले को हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे गांवों में शिविर लगाकर जांच करना और आसान होगा.

1,951 मरीजों को छह माह तक मिलेगा पोषण सहयोग

जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में वर्तमान में 1,951 टीबी मरीज अधिसूचित हैं और स्क्रीनिंग जारी रहने से यह संख्या बढ़ सकती है. जिला प्रशासन का लक्ष्य करीब 2,000 मरीजों को लगातार छह माह तक प्रत्येक माह न्यूट्रीशन किट उपलब्ध कराना है. किट में चना दाल, सोया चंक्स, मूंगफली, मिल्क पाउडर, आटा सहित उच्च प्रोटीन एवं ऊर्जा युक्त खाद्य सामग्री शामिल की गई है. उन्होंने बताया कि शनिवार को 300 मरीजों के बीच न्यूट्रीशन किट वितरित की गई, जबकि शेष मरीजों को प्रखंड स्तर पर चरणबद्ध तरीके से किट उपलब्ध कराई जाएगी.

टीबी की रोकथाम के लिए प्रिवेंटिव केयर पर भी रहेगा विशेष फोकस

जिलाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन टीबी प्रिवेंटिव केयर पर भी विशेष ध्यान दे रहा है. किसी परिवार में टीबी मरीज मिलने पर उसके संपर्क में आए सभी लोगों की जांच कर आवश्यकतानुसार निवारक दवा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके. उन्होंने सभी लाभार्थियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए स्वास्थ्य विभाग, निक्षय मित्रों, आशा कार्यकर्ताओं और सहयोगी संस्थाओं के प्रयासों की सराहना की.

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) अनवर आलम सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे.

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लेखक के बारे में

By Sujit kumar

सुजीत कुमार सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. क्राइम की खबरों की गहरी समझ है. वर्ष 2014 से प्रभात खबर औरंगाबाद में ब्यूरो चीफ की जिम्मेवारी संभाल रहे हैं. सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज, औरंगाबाद से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.

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