मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत विवाह मंडप के निर्माण को लेकर औरंगाबाद के दाउदनगर प्रखंड के शमशेर नगर, अरई और चौरी पंचायत में संभावित स्थलों का सर्वेक्षण किया गया. राजस्व अधिकारी रोहित कुमार के नेतृत्व में संबंधित पंचायतों में पहुंचकर स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया गया और वहां भूमि की उपलब्धता, पहुंच मार्ग (रोड कनेक्टिविटी) सहित अन्य आवश्यक बिंदुओं का जायजा लिया गया.
शमशेर नगर पंचायत में पंचायत सरकार भवन के समीप विवाह मंडप के निर्माण के लिए भूमि का चयन किया गया. इस निरीक्षण के दौरान मुखिया प्रतिनिधि राजू कुमार, पंचायत सचिव किशन उरांव एवं विकास मित्र मुकेश कुमार मौजूद रहे. वहीं, अरई पंचायत में मेन पैक्स गोदाम के समीप स्थल का निरीक्षण किया गया, जिसे विवाह मंडप के निर्माण के लिए उपयुक्त पाया गया है. इसके अलावा चौरी पंचायत में भी संभावित स्थल का सर्वेक्षण कर सभी आवश्यक जानकारियां जुटाई गईं.
एनओसी और नजरी नक्शा मिलने के बाद पूरी होगी आगे की प्रक्रिया
इधर, मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत चयनित भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) समय पर निर्गत नहीं होने के कारण, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी रिशु राज के आदेशानुसार राजस्व अधिकारी रोहित कुमार से संबंधित भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र एवं नजरी नक्शा उपलब्ध कराने का आधिकारिक अनुरोध किया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि एनओसी और नजरी नक्शा उपलब्ध होने के बाद ही इस योजना के तहत आगे की प्रशासनिक और निर्माण संबंधी प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी. राजस्व अधिकारी रोहित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित स्थलों से जुड़ी सभी आवश्यक राजस्व प्रक्रियाएं जल्द ही पूरी कर ली जाएंगी. स्थल चयन के दौरान निर्माण कार्य के लिए भूमि की उपयुक्तता और लोगों के आवागमन की सुविधा समेत अन्य सभी तकनीकी पहलुओं को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया है.
ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी सुविधा
पंचायत स्तर पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप का निर्माण होने से स्थानीय ग्रामीण इलाकों के लोगों को वैवाहिक एवं अन्य बड़े सामाजिक आयोजनों के लिए काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है. इस योजना के धरातल पर उतरने से ग्रामीण क्षेत्रों के आम नागरिकों को अपने पारिवारिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक बेहतर, सुरक्षित और सुलभ स्थान उपलब्ध हो सकेगा.
