विशेष लोक अदालत में 15 चेक बाउंस मामलों का निपटारा, 58.36 लाख रुपये पर हुआ समझौता

Aurangabad News : औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में आयोजित विशेष लोक अदालत ने चेक बाउंस मामलों के त्वरित निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 15 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जिसमें 58 लाख से अधिक की राशि पर समझौता हुआ।

Aurangabad News : औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस मामलों के निस्तारण के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया. इस दौरान कुल 290 वाद सूचीबद्ध किए गए, जिनमें से 15 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया. इन मामलों में 58 लाख 36 हजार 688 रुपये की समझौता राशि पर सहमति बनी. कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजीव रंजन कुमार ने किया. इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय अरुण कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विश्वविभूति गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तान्या पटेल सहित जिले के सभी न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे.

लोक अदालत त्वरित और सुलभ न्याय का प्रभावी माध्यम

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने कहा कि लोक अदालत न्याय व्यवस्था का प्रभावी एवं जनहितकारी मंच है, जो पक्षकारों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराता है. उन्होंने कहा कि चेक बाउंस मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने के साथ-साथ पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में भी सहायक है. उन्होंने अधिवक्ताओं और आम नागरिकों से लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की.

तीन बेंचों में हुई मामलों की सुनवाई

विशेष लोक अदालत के सफल संचालन के लिए तीन बेंचों का गठन किया गया था. इन बेंचों के समक्ष चेक बाउंस से जुड़े मामलों को सुलह और समझौते के आधार पर रखा गया. पक्षकारों, अधिवक्ताओं तथा बैंक प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से कई मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान संभव हो सका.

लंबित मामलों में आएगी कमी

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव तान्या पटेल ने बताया कि इस विशेष लोक अदालत का उद्देश्य चेक बाउंस मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण कर पक्षकारों को शीघ्र और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में भी मदद मिलती है.

निस्तारित मामलों के पक्षकारों को सौंपा गया अवार्ड

लोक अदालत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने निस्तारित मामलों के पक्षकारों को स्वयं लोक अदालत अवार्ड की प्रतियां प्रदान कीं. वर्षों से लंबित विवादों का आपसी सहमति से समाधान होने पर पक्षकारों ने संतोष व्यक्त किया. कार्यक्रम के सफल आयोजन में न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक प्रतिनिधियों, न्यायालय कर्मियों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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Author: Sudhir kumar singh

Published by: Yuvraj Ratan

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