Aurangabad smart class: डिजिटल युग की रफ्तार अब सरकारी विद्यालयों तक भी पहुंच चुकी है. औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, पिरवा में स्मार्ट क्लास की शुरुआत ने छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का तरीका बदल दिया है. डिजिटल माध्यम से हो रही पढ़ाई से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ी है और पढ़ाई पहले से अधिक रोचक हो गई है.
कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को मिल रहा स्मार्ट क्लास का लाभ
विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राएं नियमित रूप से स्मार्ट क्लास में पढ़ाई कर रहे हैं. टीवी आधारित शिक्षण प्रणाली के जरिए चित्र, एनिमेशन और वीडियो के माध्यम से विषयों को समझाया जा रहा है. इससे कठिन पाठ भी छात्रों को आसानी से समझ में आने लगे हैं.
इंटरनेट और यूट्यूब से पढ़ाई हुई अधिक प्रभावी
शिक्षकों ने बताया कि पहले जिन विषयों को समझाने में अधिक समय लगता था, अब दृश्य माध्यम के कारण वही विषय कम समय में समझ में आ जाते हैं. विद्यालय में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने के बाद यूट्यूब आधारित शैक्षणिक वीडियो भी दिखाए जा रहे हैं, जिससे पढ़ाई और प्रभावी बन गई है.
सभी विद्यार्थियों के लिए बनाया गया शैक्षणिक चक्र
विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रवीण कुमार मिश्रा ने बताया कि सभी छात्रों को समान अवसर देने के लिए दो-दो दिन का शैक्षणिक चक्र तैयार किया गया है. प्रत्येक कक्षा को निर्धारित समय पर स्मार्ट रूम में पढ़ाया जाता है. आवश्यकता पड़ने पर सामान्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी स्मार्ट रूम में ले जाकर विशेष अध्याय विस्तार से समझाए जाते हैं.
छात्रों में बढ़ा पढ़ाई के प्रति उत्साह
स्मार्ट क्लास शुरू होने के बाद विद्यार्थियों में पढ़ाई को लेकर उत्साह बढ़ा है. छात्रों का कहना है कि वीडियो आधारित पढ़ाई से विषय जल्दी समझ में आता है और लंबे समय तक याद रहता है. अब वे बिना झिझक सवाल भी पूछ रहे हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा है.
सरकारी विद्यालयों के लिए बनी नई उम्मीद
शिक्षकों का मानना है कि स्मार्ट क्लास सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई उम्मीद बनकर उभरी है. खासकर छात्राओं के आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. विद्यालय का मानना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद आधुनिक तकनीक के उपयोग से सरकारी स्कूल भी बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हैं.
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