Kharif Crop: भगवान सूर्य के मघा नक्षत्र में विचरण के बीच धान की रोपाई का समय अब अंतिम चरण में पहुंच गया है. सोन कमांड क्षेत्र में धान की रोपाई लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि उत्तर कोयल नहर क्षेत्र में किसान तेजी से रोपाई का काम पूरा करने में जुटे हैं. हालांकि झारखंड सीमा से सटे बॉर्डर क्षेत्र में अभी भी बड़े भू-भाग में धान की रोपाई नहीं हो सकी है.
इधर, पिछले दो दिनों से क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश हो रही है. कभी हल्की फुहार तो कभी झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया है. आसमान में बादल छाए रहने से उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है. सावन के इस दौर में हुई बारिश से खेतों में भी रौनक लौट आयी है.
बारिश के पानी से पहले रोपे गये धान के पौधे लहलहाने लगे हैं. खेतों में हरियाली देखकर किसानों के चेहरे पर भी खुशी नजर आ रही है. जिन किसानों की धान की रोपाई अब तक पूरी नहीं हो सकी है, उन्हें बारिश के बाद शेष खेतों में भी रोपाई पूरी होने की उम्मीद जगी है.
पर्याप्त बारिश से किसानों को फायदा
किसान रामचंद्र सिंह, शिवनाथ पांडेय, रामनरेश सिंह और रामस्वरूप पांडेय ने बताया कि समय पर पर्याप्त बारिश होने से धान की फसल को काफी फायदा होगा. खासकर ऐसे खेतों में, जहां सिंचाई की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां बारिश बड़ी राहत लेकर आयी है. किसानों के अनुसार बारिश से धान की रोपाई के लिए भी अनुकूल स्थिति बनी है.
बारिश से आम जनजीवन को भी राहत मिली है. पिछले दिनों उमस और गर्मी से परेशान लोगों को अब बादल और बारिश के कारण मौसम में ठंडक का एहसास हो रहा है.
खरीफ फसल के लिए अनुकूल हुआ मौसम
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनूप कुमार चौबे ने बताया कि वर्तमान मौसम खरीफ फसल के लिए अनुकूल है. अगले दो दिनों तक बारिश होने की संभावना है. बारिश धान की फसल के लिए लाभकारी साबित हो सकती है. उन्होंने बताया कि हवा के झोंकों के साथ बारिश होने से पौधों पर मौजूद कीटों के अंडे भी धुल सकते हैं, जिससे कीट प्रकोप में कमी आने की संभावना रहती है.
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