Aurangabad News : गुरु संत श्री रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार प्रखंड कार्यालय परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई. यात्रा में पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में विकास मित्र, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग शामिल हुए.
संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प
कलश यात्रा के दौरान संत रविदास के विचारों और उनके द्वारा दिए गए सामाजिक समरसता, समानता एवं भाईचारे के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया. यात्रा में शामिल लोगों ने संत रविदास के आदर्शों को अपनाकर समाज में आपसी सौहार्द और एकता को मजबूत करने का संदेश दिया.
शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरी कलश यात्रा
प्रखंड कार्यालय परिसर से शुरू हुई कलश यात्रा मौलाबाग रोड, लखन मोड़, सिनेमा हॉल रोड, पुरी मुहल्ला, पचकठवा मुहल्ला एवं न्यू एरिया होते हुए वापस प्रखंड कार्यालय परिसर पहुंची. यहां यात्रा का समापन हुआ.
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पदाधिकारी और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हुए शामिल
कार्यक्रम में बीडीओ मो. जफर इमाम, बीपीआरओ रिशु राज, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सह प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विकास कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार, प्रखंड 20 सूत्री उपाध्यक्ष श्याम पाठक, भाजपा जिला प्रवक्ता अश्विनी कुमार तिवारी, भाजपा नेता टैगोर जी, संजय शर्मा, राकेश पांडेय, सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता पवन कुमार पप्पी एवं संजय पासवान, किसान सलाहकार आलोक कुमार टंडन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.
समानता और भाईचारे का प्रेरणास्रोत है संत रविदास का जीवन
यात्रा में शामिल लोगों ने संत रविदास के जीवन एवं उनके सामाजिक संदेश को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन समानता, भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और मानव कल्याण का प्रेरणास्रोत है. उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
जयंती कार्यक्रमों की श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी कलश यात्रा
वक्ताओं ने कहा कि कलश यात्रा का उद्देश्य संत रविदास के आदर्शों और विचारों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है. बताया गया कि संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की श्रृंखला में यह कलश यात्रा एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके माध्यम से उनके आदर्शों को आत्मसात करने और सामाजिक सद्भाव को और अधिक मजबूत बनाने का संदेश दिया गया.
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