Aurangabad News : प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध ओबरा देवी मंदिर के गर्भगृह और मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण को लेकर रविवार को मंदिर समिति की बैठक आयोजित की गयी. बैठक में राजस्थान से आये कारीगर खत्री ने गर्भगृह के निर्माण और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की विस्तृत जानकारी समिति के सदस्यों को दी. बैठक में ओबरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि गोविंद अग्रवाल भी मौजूद रहे.
मकराना पत्थर से तैयार होगा गर्भगृह
बैठक में समिति के सदस्यों ने निर्णय लिया कि देवी मंदिर के गर्भगृह को पूरी तरह मकराना पत्थर से आकर्षक स्वरूप प्रदान किया जायेगा. इसके साथ ही मंदिर परिसर में भी मकराना पत्थर का उपयोग कर सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जायेगा. समिति के अनुसार गर्भगृह के सौंदर्यीकरण पर करीब 10 से 15 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है.
अगस्त के अंत तक शुरू होगा निर्माण कार्य
राजस्थान से आये कारीगर खत्री ने समिति के सदस्यों को बेहतर गुणवत्ता और आकर्षक डिजाइन के साथ निर्माण कार्य कराने की सलाह दी. बैठक में निर्णय लिया गया कि अगस्त माह के अंत तक निर्माण कार्य जोर-शोर से शुरू कर दिया जायेगा. आगामी नवरात्र तक गर्भगृह के सौंदर्यीकरण का कार्य हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
अनुभवी कारीगर की देखरेख में होगा सौंदर्यीकरण
धार्मिक न्यास परिषद के सचिव कुमुद रंजन, उपसचिव स्नेह रंजन, उपाध्यक्ष कृष्ण प्रसाद सिंह और कोषाध्यक्ष ब्रजेश कुमार द्विवेदी ने बताया कि राजस्थान के अनुभवी कारीगर खत्री की देखरेख में मां भगवती के गर्भगृह का सौंदर्यीकरण कराया जायेगा. इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. उन्होंने बताया कि मंदिर को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के लिए श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से सहयोग लेकर राशि एकत्र की जायेगी.
सहयोग के लिए चलाया जायेगा संपर्क अभियान
मुखिया प्रतिनिधि गोविंद अग्रवाल ने भी समिति के निर्णय का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि ओबरा देवी मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है. मंदिर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए व्यापक संपर्क अभियान चलाकर स्थानीय लोगों से सहयोग लिया जायेगा. उन्होंने मंदिर के विकास कार्य में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक में प्रमोद भगत, अमित कुमार, प्रकाश कुमार मेहता, धर्मेंद्र शर्मा, आचार्य गुड्डू पाठक, नीलम देवी, अकाउंटेंट ज्योति कुंवर समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे. समिति के सदस्यों ने मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य को समय पर पूरा कराने और निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया.
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