Aurangabad News : औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश लक्ष्मी कांत मिश्रा ने नाबालिग के अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी राजा कुमार उर्फ राजा हिन्दुस्तानी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही अदालत ने पीड़िता को एक लाख रुपये का प्रतिकर दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की धाराओं में सुनाई गई सजा
स्पेशल लोक अभियोजक शिवलाल मेहता ने बताया कि यह मामला ओबरा थाना कांड संख्या-406/24 तथा पॉक्सो एक्ट वाद संख्या-163/24 से संबंधित है. सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने इस्माइलपुर चिड़ियाबिगहा निवासी अभियुक्त राजा कुमार उर्फ राजा हिन्दुस्तानी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-87 के तहत सात वर्ष के कारावास एवं 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. वहीं पॉक्सो एक्ट की धारा-4(2) के तहत 20 वर्ष के कारावास एवं 30 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया. जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा.
6 जुलाई को अदालत ने ठहराया था दोषी
अदालत ने इससे पहले 6 जुलाई को अभियुक्त को दोषी करार दिया था. इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने पर यह फैसला सुनाया गया.
स्कूल से लौटते समय नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले गया था आरोपी
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि पीड़िता के परिजनों ने 19 सितंबर 2024 को ओबरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. प्राथमिकी के अनुसार 27 अगस्त 2024 को उनकी नाबालिग पुत्री रोज की तरह स्कूल गई थी, लेकिन वापस घर नहीं लौटी. बाद में रिश्तेदारों से जानकारी मिली कि अभियुक्त उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ लुधियाना ले गया, जहां उसके साथ यौन उत्पीड़न किया गया.
सात गवाहों की गवाही के आधार पर सुनाया फैसला
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों की गवाही कराई गई. प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई. बताया गया कि अभियुक्त इस मामले में पहले भी छह माह 15 दिन न्यायिक हिरासत में रह चुका है.
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