Aurangabad News: औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित न्यू बीआरसी भवन के सभागार में गुरुवार को प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग कार्यक्रम के तहत एकदिवसीय प्रखंड स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कक्षा छह से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए गणित एवं विज्ञान विषयों के पाठ्यपुस्तक आधारित विभिन्न प्रोजेक्ट्स को विद्यालय स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करना था.
बीईओ ने किया उद्घाटन
औरंगाबाद के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन मदनपुर के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग से छात्रों में तार्किक क्षमता, रचनात्मकता और विषय की गहराई से समझ विकसित होती है. उन्होंने सभी उपस्थित शिक्षकों से इस नई शिक्षण पद्धति को अपने-अपने विद्यालयों में पूरी गंभीरता से लागू करने की अपील की.
शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
औरंगाबाद की इस कार्यशाला में प्रखंड के विभिन्न मध्य विद्यालयों से आए नामित शिक्षकों ने काफी उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस दौरान शिक्षकों को प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण पद्धति के महत्व, उसके जमीनी क्रियान्वयन और मूल्यांकन की तकनीकी प्रक्रिया के बारे में प्रशिक्षकों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई ताकि वे बच्चों को बेहतर ढंग से समझा सकें.
दीक्षा पोर्टल पर अपलोडिंग
औरंगाबाद के इस प्रशिक्षण सत्र का सफल संचालन रोहित कुमार सिंह, आशुतोष कुमार सिंह एवं मोहम्मद सलमान रागिब द्वारा किया गया. प्रशिक्षकों ने तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के अंतर्गत छात्रों द्वारा तैयार किए गए सभी प्रोजेक्ट्स को ‘दीक्षा’ पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है, जिससे उनकी शैक्षणिक प्रगति का सटीक आकलन और मॉनिटरिंग की जा सके.
इनका रहा सक्रिय सहयोग
औरंगाबाद के इस शिक्षा सुधार कार्यक्रम में पीरामल फाउंडेशन की प्रोग्राम लीडर प्रीति मिश्रा, गांधी फेलो के रूप में आयुषी त्रिपाठी एवं बीआरसी के विजय कुमार सिंह की भी सक्रिय सहभागिता रही. कार्यशाला के अंत में यह बताया गया कि प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में बड़ा सुधार लाया जा सकता है.
Also Read: औरंगाबाद में बीपीआरओ-बिहार प्रशासन' लिखी स्कॉर्पियो से शराब बरामद, एक गिरफ्तार
