नहीं रहे प्रोफेसर टीएन सिन्हा, शहर में शोक की लहर

शोकसभा कर लोगों ने कहा- साहित्यिक व सामाजिक क्षेत्र में हुई अपूरणीय क्षति

शोकसभा कर लोगों ने कहा- साहित्यिक व सामाजिक क्षेत्र में हुई अपूरणीय क्षतिऔरंगाबाद कार्यालय. सच्चिदानंद सिन्हा महाविद्यालय से अवकाशप्राप्त प्रोफेसर व विभिन्न संगठनों में जिवंत भूमिका निभाने वाले टीएन सिन्हा का निधन हो गया. वे लगभग 90 वर्ष के थे और तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका निधन हो गया. शुक्रवार को औरंगाबाद शहर के अदरी नदी घाट पर उनका दाह संस्कार किया गया. मुखाग्नि उनके पुत्र आलोक कुमार उर्फ पिंटू ने दी. इधर, जैसे ही टीएन सिन्हा का शव औरंगाबाद स्थित आवास पर पहुंचा, श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज के प्राचार्य डॉ सुधीर कुमार मिश्रा, मनोज सिंह, समाजसेवी अमिताभ सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, अधिवक्ता उदय कुमार, लोजपा जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह सोनू, रिटायर्ड शिक्षक शिवनारायण सिंह, पूर्व मुखिया अनिल सिंह, अभिषेक बजाज, जितेंद्र सिंह, मनोज सिंह, अश्विनी सिंह, पूर्व बैंक प्रबंधक प्रमोद सिंह, प्रवीर सिंह सहित अन्य कई लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की. उपस्थित तमाम लोगों ने दो मिनट का मौन रखा. लोगों ने कहा कि टीएन सिन्हा के निधन से औरंगाबाद में एक युग का अंत हो गया.

साहित्यकारों ने जताया शोक

इधर जिला मुख्यालय स्थित महाराणा प्रताप चौक परिक्षेत्र में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन,समकालीन जवाबदेही परिवार एवं बतकही परिवार के संयुक्त तत्वावधान में सच्चिदानंद सिन्हा महाविद्यालय के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर टीएन सिन्हा के निधन पर उनके सम्मान में एक शोकसभा आयोजित की गयी. जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह के नेतृत्व में उपस्थित लोगों ने प्रो टीएन सिन्हा के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा एवं उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की. इस संकट की घड़ी में भगवान उनके परिवार को संबल प्रदान करें. समकालीन जवाबदेही पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रोफेसर टीएन सिन्हा शिक्षाविद् के साथ-साथ एक महान समाजसेवी के रूप में जाने जाते थे. सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने वाले व्यक्ति थे. उनके निधन से साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है. डॉ शिवपूजन सिंह, दोमुहान मंदिर के अध्यक्ष सिंहेश सिंह, इंजीनियर अर्जुन सिंह, अलखदेव सिंह, अशोक कुमार सिंह, रिटायर्ड डीएसपी उदय प्रताप सिंह, प्रो रामविलास सिंह, राम सुरेश सिंह, नारायण सिंह, लवकुश प्रसाद सिंह, बतकही परिवार के संयोजक पुरुषोत्तम पाठक, डॉ सूर्यपत सिंह आदि उपस्थित थे. इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो कुमार वीरेंद्र ने भी गहरा शोक प्रकट किया है.

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By Sujit kumar

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