PM Surya Ghar Yojana : केंद्र के साथ अब बिहार सरकार भी देगी सब्सिडी; 3 किलोवाट पर मिलेंगे 98 हजार रुपये; औरंगाबाद में 12 हजार का लक्ष्य

बिहार में पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब राज्य सरकार भी अतिरिक्त सब्सिडी दे रही है. इससे सोलर रूफटॉप लगाने की लागत काफी कम हो जाएगी. जानिए आपको कितना लाभ मिल सकता है.

PM Surya Ghar Yojana : औरंगाबाद शहर बिजली का बिल कम करने और घर की छत से बिजली पैदा करने की योजना को बिहार में अब राज्य सरकार का भी सहारा मिलेगा. पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर रूफटॉप लगवाने वाले लाभुकों को केंद्र सरकार की सब्सिडी के अलावा बिहार सरकार की ओर से भी अतिरिक्त सहायता दी जायेगी. राज्य सरकार ने 12 अगस्त को योजना के तहत 10 हजार रुपये प्रति किलोवाट की अतिरिक्त सब्सिडी मंजूर की है. एक लाभुक को राज्य सहायता के रूप में अधिकतम 20 हजार रुपये मिलेंगे.

केंद्र और राज्य सरकार की सहायता को जोड़ने पर एक किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 40 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 80 हजार रुपये और तीन किलोवाट के संयंत्र पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा. ऐसे में घर की छत पर सोलर प्लांट लगवाने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह फैसला खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

राज्य में एक लाख से ज्यादा आवेदन, 26 हजार घरों की छत पर पहुंचा सोलर

पीएम सूर्य घर योजना की प्रगति को लेकर 17 अगस्त को बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक हुई. इसमें योजना के तहत आये आवेदनों से लेकर वेंडर चयन, रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने, बैंक ऋण की मंजूरी और वितरण समेत सोलर सामग्री की उपलब्धता की स्थिति पर चर्चा की गयी.

बैठक में बताया गया कि बिहार में अब तक योजना के तहत 1,01,769 आवेदन मिल चुके हैं. इनमें 71,583 लाभुकों के लिए वेंडर का चयन किया जा चुका है, जबकि 26,292 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं. अब तक लाभुकों को 171.74 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की गयी है. योजना के लिए 872 वेंडर एम्पैनल किये गये हैं. पिछले एक सप्ताह में ही राज्य में 14,079 सोलर स्ट्रक्चर और 6,690 सोलर पैनल लगाये गये हैं.

औरंगाबाद में 12 हजार घरों तक योजना पहुंचाने का लक्ष्य

औरंगाबाद जिले में भी पीएम सूर्य घर योजना को लेकर लक्ष्य तय किया गया है. जिले में 12 हजार लाभुकों तक योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके मुकाबले अब तक 919 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें 724 लाभुकों के लिए वेंडर का चयन किया जा चुका है और 206 रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किये गये हैं.

जिले में पिछले चार महीनों के दौरान 77 सोलर संयंत्रों का संस्थापन किया गया है. अब जिला प्रशासन की कोशिश आवेदन से लेकर प्लांट लगाने तक की प्रक्रिया को तेज करने की है, ताकि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले प्रगति में तेजी लायी जा सके.

राज्य सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये रखे

सोलर योजना को राज्य स्तर पर बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने राज्य सहायता के रूप में एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इस सहायता के जरिये अधिकतम पांच लाख रूफटॉप सोलर लाभुकों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है.

खास बात यह है कि बिहार सरकार की ओर से मिलने वाली यह अतिरिक्त राशि केंद्र सरकार की वित्तीय सहायता से अलग होगी. यानी पात्र लाभुकों को केंद्र की सब्सिडी के साथ राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता का भी फायदा मिलेगा. इससे सोलर संयंत्र लगाने की शुरुआती लागत कम करने में मदद मिलेगी.

डीएम ने कहा, आवेदन से इंस्टॉलेशन तक प्रक्रिया हो तेज

समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित पदाधिकारियों और अधिकृत एजेंसियों को योजना के तहत प्राप्त आवेदनों के निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने वेंडर चयन, स्थल निरीक्षण और रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने को कहा.

डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि लाभुकों को केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाली सब्सिडी की जानकारी आसानी से उपलब्ध करायी जाये. बैंक ऋण लेने और योजना से जुड़ी दूसरी जरूरी प्रक्रियाओं में भी लाभुकों को सहयोग देने पर जोर दिया गया, ताकि आवेदन करने के बाद लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.

पैनल और इन्वर्टर की कमी से न रुके काम

जिले में सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया में सामग्री की उपलब्धता को भी महत्वपूर्ण माना गया है. जिलाधिकारी ने संबंधित एजेंसियों को सोलर स्ट्रक्चर, पैनल और इन्वर्टर की पर्याप्त व्यवस्था रखने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सामग्री की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए.

निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को भी कहा गया है. प्रशासन का फोकस अब सिर्फ आवेदन जुटाने पर नहीं, बल्कि आवेदन के बाद वेंडर चयन, स्थल निरीक्षण और वास्तविक रूप से सोलर संयंत्र स्थापित कराने पर है.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के साथ उप विकास आयुक्त कुमारी अनुपम सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी सदर गौरव सिंह, सदर डीसीएलआर श्वेतांक लाल, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी, वरीय उपसमाहर्ता रितेश कुमार यादव, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति समेत संबंधित विभागों के अधिकारी जुड़े रहे.


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By सुधीर कुमार सिन्हा

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