Aurangabad News : शहर के गांधी मैदान स्थित बिहार राज्य पथ परिवहन निगम कार्यालय परिसर की स्थिति बदहाल और चिंताजनक हो चुकी है. कभी जिले के प्रमुख सरकारी कार्यालयों में गिने जाने वाले इस परिसर के चारों ओर आज कूड़ा-कचरा, जलजमाव और गंदगी का अंबार लगा हुआ है.
कार्यालय के सामने फैली गंदगी न केवल विभाग की छवि को धूमिल कर रही है, बल्कि यहां आने वाले कर्मचारियों और आम लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन गई है. कार्यालय परिसर के बाहर नियमित रूप से मुर्गा और मछली बेचने वालों का जमावड़ा लगा रहता है. स्थिति इतनी खराब है कि मांस और मछली के अवशेष भी खुलेआम कार्यालय के सामने फेंक दिए जाते हैं, जिससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है.
बरसात के दिनों में समस्या गंभीर हो जाती
बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है. सड़क और परिसर के आसपास जलजमाव होने से गंदगी सड़ने लगती है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार इस समस्या की शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है.
परिवहन विभाग के डिप्टी सुपरिटेंडेंट भी इस स्थिति को लेकर असहाय नजर आ रहे हैं. उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और नगर परिषद को अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जिला प्रशासन और नगर परिषद की नजर भी इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ रही है. सरकारी कार्यालय के सामने फैली यह गंदगी प्रशासनिक उदासीनता को उजागर कर रही है.
सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यहां गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न हो सकती है.
शहरवासियों ने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि परिवहन निगम कार्यालय परिसर की तत्काल सफाई कराई जाए, जलनिकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा मछली और मुर्गा बेचने वालों को वहां से हटाया जाए, ताकि सरकारी कार्यालय की गरिमा बनी रह सके.
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