बिहार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण पदाधिकारी संघ ने राज्य सरकार को अल्टीमेटम देते हुए सात सूत्री मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की मांग की है. संघ ने कल्याण पदाधिकारियों के लिए सरकारी वाहन या निर्धारित यात्रा भत्ता, पर्याप्त कार्यालय, लिपिकीय सहयोग, डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर व फर्नीचर समेत जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है.
27 अगस्त को सांकेतिक विरोध करेगा संघ
संघ का कहना है कि मामला केवल पदाधिकारियों की सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर एससी-एसटी के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ता है. इसके विरोध में 27 अगस्त को सदस्य नीला रिबन या बैज लगाकर काम करेंगे. 11 सितंबर को काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध किया जाएगा.
सुविधा भी नहीं मिलने से होती है परेशानी : संघ
संघ के अध्यक्ष दिवेश दिवाकर ने कहा कि प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर तैनात पदाधिकारी क्षेत्र भ्रमण, योजनाओं की निगरानी और निरीक्षण समेत कई जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन आवश्यक प्रशासनिक व आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण कार्य प्रभावित होता है. उन्होंने कल्याण पदाधिकारियों को राजपत्रित दर्जा देने, विद्यालय एवं छात्रावास प्रबंधन से जुड़े पदों पर नियुक्ति, संवर्ग नियमावली में संशोधन, पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने और सामूहिक दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण देने की मांग भी रखी.
