12 सितंबर की राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियां तेज, न्यायिक पदाधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक

Aurangabad News : औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय में 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर न्यायिक पदाधिकारियों की बैठक हुई। अधिक मामलों के निपटारे पर जोर दिया गया।

Aurangabad News : 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से व्यवहार न्यायालय में बुधवार को न्यायिक पदाधिकारियों की समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) लाल बिहारी पासवान ने की. जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव ने राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी न्यायिक पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

त्वरित और कम खर्च में न्याय का प्रभावी माध्यम है लोक अदालत

बैठक को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आपसी सहमति और समझौते के आधार पर विवादों के त्वरित, सरल और कम खर्च में समाधान का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने बताया कि लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होता है, जिसके विरुद्ध सामान्यतः अपील का प्रावधान नहीं होता. इससे पक्षकारों के समय और धन की बचत होती है तथा न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है.

समझौतायोग्य मामलों को चिन्हित करने का निर्देश

सचिव ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों से अपने-अपने न्यायालयों में लंबित समझौतायोग्य मामलों की गहन समीक्षा कर अधिकाधिक मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए चिन्हित करने, समय पर नोटिस जारी करने तथा अधिवक्ताओं के सहयोग से अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन का प्रयास करने का आग्रह किया.

Also Read : औरंगाबाद के मदनपुर में सड़क हादसा, डिवाइडर से टकराई ईको, तीन लोग गंभीर रूप से घायल

इन मामलों को मिलेगी प्राथमिकता

बैठक में बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा वाद, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, चेक अनादरण से जुड़े मामले, राजस्व वाद, प्री-लिटिगेशन प्रकरण तथा अन्य समझौतायोग्य मामलों को प्राथमिकता के आधार पर राष्ट्रीय लोक अदालत में रखने का निर्णय लिया गया.

अधिकाधिक मामलों के निष्पादन का किया आह्वान

अध्यक्षीय संबोधन में सीजेएम लाल बिहारी पासवान ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्यायपालिका की जनकल्याणकारी पहल है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को त्वरित, सुलभ और कम खर्च में न्याय उपलब्ध कराना है. उन्होंने सभी न्यायिक पदाधिकारियों से समन्वित प्रयास करते हुए अधिकाधिक मामलों के निष्पादन और राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने का आह्वान किया.

Also Read : ओबरा में BDO ने सड़क किनारे दुकान लगाने पर लगाई रोक, अतिक्रमण हटाने पर दिया अल्टीमेटम

जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय

बैठक में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संदीप कुमार सिंह, सुशील प्रसाद सिंह, प्रदीप चंद्र, अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी अनीश कुमार, मुंसिफ अभय सिंह सहित अन्य न्यायिक दंडाधिकारी उपस्थित रहे. बैठक के अंत में राष्ट्रीय लोक अदालत के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए न्यायालय परिसर, सरकारी कार्यालयों, बैंकों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. आम नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने समझौतायोग्य विवादों के त्वरित, कम खर्चीले और सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत एवं मध्यस्थता केंद्र का अधिकाधिक लाभ उठाएं.

Also Read : संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ विकसित करना शिक्षकों की जिम्मेदारी: एसडीओ अमित राजन


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sudhir kumar singh

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >