औरंगाबाद में हरि बक्श बाबा मंदिर में नागपंचमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, दूध-लावा चढ़ाकर की नागदेवता की पूजा

Aurangabad News : इरियप के हरि बक्श बाबा मंदिर में नागपंचमी का त्योहार आस्था के साथ मनाया गया. हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा कर सुख-समृद्धि की कामना की और भंडारे का आनंद लिया.

Aurangabad News : प्रखंड के इरियप गांव स्थित हरि बक्श बाबा मंदिर परिसर में सोमवार को नागपंचमी का पर्व धूमधाम और आस्था के साथ मनाया गया. पूजा कार्यक्रम में इरियप सहित आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे और नागदेवता की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की. श्रद्धालुओं ने दूध और लावा चढ़ाकर पूजा की.

वर्ष 1985 से हो रहा है नागपंचमी पूजा का आयोजन

पूजा समिति के अध्यक्ष शक्ति कुमार और श्रवण पासवान ने बताया कि गांव में वर्ष 1985 से नागपंचमी के अवसर पर बड़े स्तर पर पूजा का आयोजन किया जाता रहा है. स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से हरि बक्श बाबा मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया गया है. मंदिर के मुख्य पुजारी संजय सिंह और आनंदन सिंह ने वैदिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कराई. पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की.

हजारों श्रद्धालुओं के बीच बांटा गया खीर का प्रसाद

पूजा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया. इस दौरान हजारों लोगों के बीच खीर का प्रसाद वितरित किया गया. सुबह से लेकर दिनभर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही.

सांस्कृतिक कार्यक्रम में देर शाम तक झूमते रहे श्रद्धालु

नागपंचमी के अवसर पर संध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान चर्चित गायिका हेमा पांडेय और पंकज पाल ने अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं का मनोरंजन किया. गीत-संगीत के कार्यक्रम में लोग देर शाम तक झूमते रहे. आयोजन को सफल बनाने में विनय सिंह, रबी सिंह, दिनेश, कमलेश, रौशन, सौरभ, मनीष, विकास, मनजीत समेत पूजा समिति के अन्य सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई.

ओरडीह पहाड़ पर भी हुई नागदेवता की पूजा

सुही पंचायत के ओरडीह पहाड़ पर भी नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने नागदेवता की पूजा-अर्चना की. आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे और दूध व लावा चढ़ाकर पूजा की. ग्रामीणों के अनुसार, ओरडीह पहाड़ स्थित गुफा से नागदेवता के निकलकर दर्शन देने की मान्यता है. इसी आस्था के कारण नागपंचमी के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की.

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By अंबुज कुमार

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