मुहर्रम : दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बलों की होगी तैनाती

डीएम की अध्यक्षता में हुई जिलास्तरीय शांति समिति की बैठक

डीएम की अध्यक्षता में हुई जिलास्तरीय शांति समिति की बैठक

प्रतिनिधि, औरंगाबाद शहर.

मुहर्रम के दौरान शांति, सौहार्द एवं विधि-व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलास्तरीय शांति समिति की एक बैठक जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. बैठक में पुलिस प्रशासन के वरीय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी तथा दोनों समुदायों के प्रबुद्धजन उपस्थित थे. सदर अनुमंडल पदाधिकारी संतन कुमार सिंह ने जानकारी दी कि छह और सात जुलाई को मुहर्रम मनाया जायेगा. यह पर्व मुस्लिम समुदाय के लिए आस्था व परंपरा से जुड़ा होता है, जिसमें लोग झंडा, ताजिया तथा परंपरागत हथियारों जैसे लाठी, तलवार, फरसा आदि के साथ जुलूस में शामिल होते हैं. बैठक में इस तथ्य पर विशेष बल दिया गया कि कई बार छोटे-मोटे विवाद, अफवाहें या सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक सामग्री के माध्यम से सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिसे लेकर असामाजिक तत्व शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करते हैं. इसलिए इस बार मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया की निगरानी के लिए विशेष व्यवस्था की गयी है. सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट, वीडियो या टिप्पणी के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी और अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बिना विधिवत अनुज्ञप्ति के कोई भी जुलूस नहीं निकाला जायेगा. सभी आयोजनों को समय सीमा के भीतर संपन्न करना अनिवार्य होगा. इस बार डीजे के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और जुलूस में बाइक या किसी भी प्रकार के दोपहिया वाहनों का प्रयोग वर्जित रहेगा. जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी आयोजन को प्रशासन की पूर्व स्वीकृति के बिना आयोजित नहीं किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि मुहर्रम का पर्व पूर्णतः सौहार्द, संयम एवं शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो. उन्होंने कहा कि जैसे रामनवमी का जुलूस शांतिपूर्वक संपन्न हुआ था, उसी तरह हमें यह सुनिश्चित करना है कि मुहर्रम का जुलूस भी सहयोगात्मक वातावरण में हो. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जुलूस मार्गों का निरीक्षण कर पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर संवेदनशील स्थलों की पहचान की जाए और उसी अनुसार विधिसम्मत अनुज्ञप्ति निर्गत की जाए. संवेदनशील स्थानों जैसे मंदिर, मस्जिद तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी. सभी अनुमंडलों में दंडाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की गई है, जो पांच से लेकर सात जुलाई की रात तक लगातार तैनात रहेंगे.

समन्वयक के साथ बनाये रखें विधि व्यवस्था

पुलिस अधीक्षक अंबरीष राहुल ने बताया कि जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और सभी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है. सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र में शांति समिति के माध्यम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से समन्वय स्थापित करते हुए विधि-व्यवस्था बनाये रखें. उन्होंने अपील की कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और यदि कोई आपत्तिजनक सूचना मिलती है, तो उसे तुरंत पुलिस या प्रशासन के संज्ञान में लाएं, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके. सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी प्रकार की भ्रामक, भड़काऊ या आपत्तिजनक जानकारी का खंडन तुरंत जिला पुलिस के आधिकारिक हैंडल से किया जायेगा. इस दौरान उप विकास आयुक्त अनन्या सिंह, सदर एसडीओ संतन कुमार सिंह, दाउदनगर एसडीओ, जिला पंचायती राज पदाधिकारी इफ्तेखार अहमद, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष, जिला स्तरीय अधिकारी, समाजसेवी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित थे.

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By Sudhir kumar singh

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