Aurangabad News : उत्तर कोयल नहर परियोजना के खैरा माइनर में सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़े जाने की शिकायत को लेकर कुटुंबा विधायक ललन राम और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता के बीच हुई दूरभाष वार्ता क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है. किसानों की समस्या से अवगत कराने के दौरान मुख्य अभियंता द्वारा कथित तौर पर 'प्रॉपर चैनल से आइए' और 'जो कहना है, लिखित रूप से दीजिए' कहे जाने पर विधायक ने कड़ी नाराजगी जताई. इस घटना ने अधिकारियों की जवाबदेही, कार्यशैली और बढ़ती अफसरशाही को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
किसानों ने बताया- माइनर में नहीं पहुंचा पानी
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के किसान लंबे समय से खैरा माइनर में पानी नहीं पहुंचने की शिकायत कर रहे हैं. धान की फसल के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन नहर में पानी नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है. स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समाधान नहीं होने पर विधायक ललन राम ने सीधे मुख्य अभियंता से संपर्क किया. विधायक ने मुख्य अभियंता को बताया कि खैरा माइनर में अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे किसान परेशान हैं. इस पर मुख्य अभियंता ने कहा कि माइनर चालू है और पानी छोड़ा जा चुका है. विधायक ने मौके पर मौजूद किसानों और मीडिया कर्मियों से भी पुष्टि कराते हुए अधिकारी को बताया कि नहर में पानी नहीं पहुंचा है, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी अपने दावे पर कायम रहे.
'प्रॉपर चैनल' की बात पर जताई नाराजगी
विधायक ललन राम के अनुसार, जब उन्होंने समस्या के समाधान का आग्रह किया तो मुख्य अभियंता ने उन्हें 'प्रॉपर चैनल' से आने की बात कही. साथ ही यह भी कहा कि यदि कोई शिकायत है तो उसे लिखित रूप से भेजा जाए, फोन पर कार्रवाई नहीं होगी. मुख्य अभियंता के इस कथित जवाब पर विधायक ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह किसी निजी कार्य या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि हजारों किसानों की समस्या को लेकर बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि यदि एक निर्वाचित विधायक द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दे को भी गंभीरता से नहीं लिया जाता और उसे 'प्रॉपर चैनल' की सीख दी जाती है, तो आम किसानों की शिकायतों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है.
मुख्यमंत्री और मंत्री से करेंगे शिकायत
विधायक ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता और सरकार के बीच सेतु का कार्य करते हैं. किसानों की समस्याओं को लेकर फोन करने पर यदि अधिकारी समाधान के बजाय केवल औपचारिकताओं का हवाला दें, तो यह संवेदनशील प्रशासन नहीं, बल्कि बढ़ती अफसरशाही का संकेत है. उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री को दी जाएगी तथा मुख्य अभियंता के व्यवहार की औपचारिक शिकायत भी की जाएगी. विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी जनता की समस्याओं के प्रति जवाबदेह होने के बजाय पद की शक्ति का प्रदर्शन करने में अधिक रुचि ले रहे हैं, जिससे सरकार की छवि प्रभावित हो रही है.
आंदोलन और आमरण अनशन की चेतावनी
विधायक ललन राम ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि खैरा माइनर में शीघ्र पानी नहीं छोड़ा गया तो किसानों के साथ आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह आमरण अनशन पर भी बैठेंगे. दूरभाष वार्ता के तुरंत बाद विधायक किसानों के साथ खैरा माइनर पहुंचे और मौके पर स्थिति का जायजा लिया.
पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला
विधायक और मुख्य अभियंता के बीच हुई बातचीत अब पूरे विधानसभा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब किसानों की समस्या को लेकर एक विधायक की बात भी अधिकारियों द्वारा गंभीरता से नहीं सुनी जा रही है, तो आम नागरिकों की शिकायतों का क्या हाल होता होगा. सिंचाई संकट के बीच सामने आई इस घटना ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं.
