Aurangabad News: बाढ़ एवं सुखाड़ की संभावित स्थिति से निपटने को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में मंगलवार को जिला अतिथि गृह में आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सादा की अध्यक्षता में बाढ़ एवं सुखाड़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी. बैठक से पूर्व अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन उपेंद्र पंडित एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी अंतरा कुमारी ने मंत्री का शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया.
संभावित बाढ़-सुखाड़ की तैयारियों की ली जानकारी
समीक्षा के दौरान जिले में संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की गयी पूर्व तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली गयी. संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़ी तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों, आवश्यक व्यवस्थाओं तथा आपदा की स्थिति में की जाने वाली कार्रवाई के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की.
त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश
मंत्री रत्नेश सादा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता के साथ उनकी तत्परता भी बनाए रखी जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर उनका तत्काल उपयोग किया जा सके.
उन्होंने आपदा प्रभावित लोगों तक समयबद्ध तरीके से राहत एवं सहायता पहुंचाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने को कहा.
राहत पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं हो
मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों की भूमिका सीधे तौर पर जनहित एवं जनकल्याण से जुड़ी है. ऐसे में सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें.
उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित एवं जरूरतमंद लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होना चाहिए. जरूरतमंदों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए.
संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर जोर
मंत्री ने उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी एवं समुचित उपयोग पर भी जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया.
बैठक में आपदा प्रबंधन से संबंधित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.
