औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड के मंगरू बीघा महादलित टोला में ग्रामीण आज भी पक्की सड़क की सुविधा से वंचित हैं. टोले में आने-जाने के लिए ग्रामीणों को पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है. करीब 10 वर्ष पहले मनरेगा योजना के तहत मिट्टी का काम कराया गया था, लेकिन इसके बाद पक्की सड़क या पेवर ब्लॉक का निर्माण नहीं कराया गया. बारिश के दिनों में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती है.
पगडंडी के सहारे आवागमन
बताया जाता है कि मंगरू बीघा टोले में कमलेश राम के घर से परशुराम सिंह के घर तक आज भी ग्रामीण पगडंडी के सहारे आने-जाने को विवश हैं. गांव में आज तक न तो पक्की सड़क बनी है और न ही पेवर ब्लॉक लगाया गया है.
मनरेगा योजना से खानापूर्ति
ग्रामीणों का कहना है कि करीब 10 वर्ष पूर्व मनरेगा योजना के तहत गांव में जाने के लिए सिर्फ मिट्टी का कार्य कर खानापूर्ति कर दी गई थी, लेकिन उसके बाद से कई वर्ष बीत जाने के बावजूद पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया. बरसात के दिनों में स्थिति और भी दयनीय हो जाती है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आक्रोश
इसको लेकर महादलित परिवार के लोगों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति भारी आक्रोश है. ग्रामीण वीरचंद राम, महेंद्र राम, प्रमोद राम, शिवपूजन राम, परीक्षा राम, उपेंद्र राम सहित अन्य ने बताया कि पंचायत की मुखिया एवं स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा आज तक महादलित टोला के विकास के लिए कोई पहल नहीं की गई. महादलित टोला आज भी विकास से कोसों दूर है.
ग्रामीणों की चेतावनी और मांग
ग्रामीणों ने कहा कि जब भी पंचायत चुनाव आता है तो जनप्रतिनिधि वोट मांगने आते हैं और विकास का वादा कर चले जाते हैं, लेकिन जीत के बाद कोई सुध नहीं लेता. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि आगे से जो भी जनप्रतिनिधि वोट मांगने आएंगे, उनका विरोध किया जाएगा. ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए गांव में अविलंब पीसीसी एवं पेवर ब्लॉक सड़क निर्माण कराने की मांग की है.
