औरंगाबाद से सुजीत कुमार सिंह की रिपोर्ट:
Aurangabad News: औरंगाबाद जिला पुलिस ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडेयपुर गांव के पास से अपराधियों के चंगुल से एक अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर लिया है. इसके साथ ही वारदात में शामिल पांच शातिर अपराधियों को भी दबोचा गया है. गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक देसी कट्टा और आठ मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं. बड़ी बात यह है कि घटना के महज ढाई घंटे के भीतर ही पुलिस अधीक्षक (एसपी) अंबरीश राहुल द्वारा गठित विशेष टीम ने अपराधियों को दबोच लिया और युवक को सुरक्षित बचा लिया. घटना से संबंधित तमाम अहम जानकारियां सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान साझा कीं.
तुरंत एक्शन मोड में आई पुलिस
एसडीपीओ ने बताया कि शनिवार को देवजरा थाना क्षेत्र के धमौल गांव निवासी मुकेश कुमार पाल को अपराधियों द्वारा देवजरा थाना क्षेत्र से ही अगवा कर लिया गया था. अपहरण के दौरान अपराधियों ने उसके साथ मारपीट भी की और उसे एक ईको (UCO) वाहन में जबरन लादकर फरार हो गए. घटना की सूचना मिलते ही औरंगाबाद पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई.
ओरा पुल के नीचे नाकाबंदी कर पुलिस ने अपराधियों को घेरा
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर एसडीपीओ वन के नेतृत्व में मुफस्सिल, देव और देवजरा थानाध्यक्ष के साथ पुलिस पदाधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की गई. जिला पुलिस द्वारा जगह-जगह बैरिकेडिंग कर सघन चेकिंग शुरू की गई. गठित विशेष टीम द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रमुख चौक-चौराहों पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की जा रही थी. इसी क्रम में मुफस्सिल थाना अंतर्गत ओरा पुल के नीचे एक संदिग्ध चार चक्का वाहन पुलिस बल को देखकर भागने लगा. पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसका पीछा किया और पांडेयपुर पुल के नीचे जवानों के सहयोग से उक्त गाड़ी को चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया.
गाड़ी की डिक्की से मिला देसी कट्टा, मुफस्सिल थाने में केस दर्ज
वाहन की तलाशी के क्रम में पुलिस ने गाड़ी के भीतर से मुकेश पाल को सकुशल बरामद कर लिया. इसके बाद जब गाड़ी की डिक्की में रखे एक बैग की जांच की गई, तो उसमें से एक देसी कट्टा बरामद हुआ. गाड़ी में बैठे अन्य पांच व्यक्तियों से जब हथियार के लाइसेंस और उसके संबंध में पूछताछ की गई, तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया. इसके बाद बरामद देसी कट्टा की विधिवत जब्ती सूची तैयार कर उक्त पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. इस संदर्भ में मुफस्सिल थाना में कांड संख्या-275/26 के रूप में एफआईआर दर्ज की गई है.
कैमूर जिले के रहने वाले हैं सभी शातिर अपराधी
गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस की पूछताछ के दौरान अपना-अपना अपराध पूरी तरह स्वीकार कर लिया है. पकड़े गए अपराधियों में कैमूर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के रामगढ़ निवासी उपेंद्र प्रसाद के पुत्र मनीष कुमार, सतीश कुमार, नीतीश कुमार, रविशंकर गुप्ता के पुत्र रोहित गुप्ता और रामाकांत तिवारी के पुत्र रोहितकांत तिवारी शामिल हैं. इन सभी अपराधियों की उम्र 19 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है. एसडीपीओ ने बताया कि मुफस्सिल थानाध्यक्ष अशोक कुमार और देवजरा थानाध्यक्ष कुशो कुमार आदि की टीम अपहरण के पीछे के मुख्य कारणों का गहराई से अनुसंधान कर रही है.
भवानीपुर मोड़ के पास कोचिंग में पढ़ाता था मुकेश
अपहृत युवक मुकेश कुमार पाल देवजरा थाना क्षेत्र के धमौल गांव का रहने वाला है. पुलिस ने अभी तक अपहरण की मुख्य वजहों को पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि नौकरी लगाने के नाम पर लिए गए पैसे और फिर उसके सूद-ब्याज को लेकर मुकेश का किसी रिश्तेदार से विवाद चल रहा था. माना जा रहा है कि उसी विवाद के प्रतिशोध में इस अपहरण की साजिश रची गई थी. पूरी स्थिति पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगी. जानकारी के अनुसार, मुकेश भवानीपुर मोड़ के पास किसी कोचिंग संस्थान में पढ़ाता था और शनिवार को जब वह कोचिंग जाने के लिए घर से निकला था, उसी दौरान घात लगाए अपराधियों ने उसे अगवा कर लिया था.
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