सामुदायिक शौचालय से नहीं खुला ताला

उद्घाटन के नौ माह बाद भी नहीं लगा बिजली का कनेक्शन

उद्घाटन के नौ माह बाद भी नहीं लगा बिजली का कनेक्शन दाउदनगर. सामुदायिक शौचालय के अभाव में लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए अनुमंडल कार्यालय परिसर में जिला पर्षद दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था. लेकिन उद्घाटन के नौ माह बाद भी उसका लाभ लोगों को नहीं मिल सका. लगभग 17 लाख रुपये की लागत से महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय का निर्माण कराया गया गया था. 26 अक्तूबर 2024 को दोनों सामुदायिक शौचालय का उद्घाटन जिला पर्षद अध्यक्ष प्रमिला देवी ने तत्कालीन उप विकास आयुक्त अभ्येंद्र मोहन सिंह एवं तत्कालीन एसडीओ मनोज कुमार की उपस्थिति में किया था. तब बताया गया था कि अनुमंडल मुख्यालय में शौचालय के अभाव को देखते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है, लेकिन आज तक लगभग नौ महीने बाद भी दोनों सामुदायिक शौचालय का लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है. सूत्रों से पता चला कि दोनों सामुदायिक शौचालय का उस समय उद्घाटन तो कर दिया गया था, लेकिन बिजली कनेक्शन नहीं कराया गया था. हालांकि, पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई दी गयी थी. तब कहा गया था कि इसकी मेंटेनेंस की जवाबदेही नगर पर्षद को दी जायेगी. हालांकि, यह इलाका नगर पर्षद क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आता है. तकनीकी समस्या यह भी सामने आयी कि बिजली कनेक्शन किनके नाम से लिया जाये. मेंटेनेंस का प्रबंध कैसे किया जाये, लेकिन नौ महीने के बाद भी न तो दोनों सामुदायिक शौचालय में बिजली कनेक्शन के लगाया जा सका, न ही दोनों को चालू कराया जा सका और न ही किसी को मेंटेनेंस के लिए दिया गया.

कहीं सुलभ शौचालय वाला ही न हो जाये हाल

कहीं ऐसा न हो कि अनुमंडल कार्यालय परिसर में ही बने सुलभ शौचालय वाला हाल ही इन दोनों शौचालयों का न हो जाये, जिसका निर्माण लगभग एक दशक पहले 2015 में मुख्यमंत्री नगर विकास योजना अंतर्गत तत्कालीन नगर पंचायत (अब नगर पर्षद) द्वारा लगभग 13 लाख रुपये की राशि से कराया गया था. इस शौचालय का उपयोग एक दशक के दौरान भी नहीं हो सका और अब पूरी तरह जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है. अब इसमें एकाध परिवार रह रहा है. इस बीच तत्कालीन डीडीसी व एसडीओ का तबादला हो गया. नए एसडीओ के रूप में अमित राजन की पदस्थापना हो चुकी. ज्ञात हो कि अनुमंडल कार्यालय परिसर में काफी संख्या में लोगों का आवागमन होता रहता है. अनुमंडल कार्यालय, अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अवर निबंधन कार्यालय, अनुमंडल कृषि कार्यालय, प्रखंड कृषि कार्यालय अवस्थित होने के कारण काफी संख्या में लोग आवागमन करते हैं. शौचालय के अभाव को देखते हुए जिला पर्षद द्वारा महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है.

एसडीओ की थी जवादेही

जिला पर्षद अध्यक्ष प्रतिनिधि शैलेश कुमार यादव ने बताया कि उसी समय दोनों सामुदायिक शौचालय के संचालन के लिए लिखित रुप से अनुमंडल प्रशासन को हैंडओवर कर दिया गया था और चाभी भी दे दी गयी थी. तत्कालीन एसडीओ द्वारा आश्वस्त किया गया था कि नगर पर्षद के माध्यम से इन दोनों शौचालयों का मेंटेनेंस कराया जायेगा. यह तत्कालीन एसडीओ की जवाबदेही बनती थी. लेकिन, पता नहीं किन कारणों से अनुमंडल प्रशासन द्वारा अब तक पहल नहीं किया गया.

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By Sujit kumar

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