Aurangabad News : सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने और युवाओं को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को राम लखन सिंह यादव कॉलेज, औरंगाबाद में इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आईडीटीआर) की ओर से सड़क सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार विषय पर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को दुर्घटना के समय अपनाई जाने वाली जीवन रक्षक तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया.
प्राचार्य ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. विजय रजक ने किया. उन्होंने आईडीटीआर के यूनिट हेड जगन्नाथ यादव, एडमिन बिपिन करण तथा प्रशिक्षकों विशाल पांडेय, अंकित भारद्वाज और अनिल को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया.
लाइव डेमो के माध्यम से सिखाईं प्राथमिक उपचार की तकनीकें
प्रशिक्षण के दौरान आईडीटीआर की टीम मानव डमी के साथ पहुंची. टीम ने प्राथमिक उपचार, घायल व्यक्ति को सुरक्षित ढंग से संभालने, हेल्प सिग्नल देने तथा आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली जीवन रक्षक तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया. विद्यार्थियों ने भी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में इन तकनीकों का अभ्यास किया. साथ ही सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात संकेतों तथा हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई.
सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर दिया गया जोर
यूनिट हेड जगन्नाथ यादव ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन और दुर्घटना के बाद समय पर दी गई सही प्राथमिक सहायता कई लोगों की जान बचा सकती है. वहीं प्रशिक्षक विशाल पांडेय ने दुर्घटना के दौरान घायलों की सुरक्षित मदद करने के व्यावहारिक तरीके समझाए.
विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की सीख
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. विजय रजक ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, जागरूकता और सेवा भावना का विकास करते हैं. बरसर लेफ्टिनेंट डॉ. विवेक कुमार ने इसे एनसीसी कैडेट्स एवं विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया.
विशेषज्ञों से पूछे सवाल, मिला समाधान
नैक समन्वयक डॉ. तरुण माथुर, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अरविंद कुमार तथा एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. नरेश कुमार सिंह ने विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पालन करने और दुर्घटना की स्थिति में मानवता के नाते आगे बढ़कर सहायता करने का आह्वान किया. कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, एनसीसी एवं एनएसएस स्वयंसेवकों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया. प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया. कार्यक्रम सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आपातकालीन परिस्थितियों में सही समय पर सही कदम उठाने की प्रेरणा देने वाला साबित हुआ.
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