रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर मदनपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय सलैया में बच्चों की रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का अनूठा उदाहरण देखने को मिला. विद्यालय में आयोजित ‘कबाड़ से जुगाड़ कर राखी बनाओ’ प्रतियोगिता में कक्षा तीन से आठ तक के छात्र-छात्राओं ने अनुपयोगी एवं कबाड़ सामग्री से आकर्षक राखियां तैयार कर सभी का मन मोह लिया. बच्चों द्वारा बनाई गई राखियों की प्रदर्शनी भी विद्यालय परिसर में लगाई गई, जिसका शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने अवलोकन किया.
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजकुमार प्रसाद गुप्ता ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच, नवाचार और पर्यावरण संरक्षण की भावना विकसित करना था. बच्चों ने पुराने कागज, ऊन, सजावटी वस्तुओं तथा अन्य अनुपयोगी सामग्रियों का उपयोग कर सुंदर एवं आकर्षक राखियां तैयार कीं.
उन्होंने कहा कि इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को ‘वेस्ट टू बेस्ट’ का संदेश दिया गया, जिससे यह सीख मिलती है कि बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं का भी रचनात्मक ढंग से पुनः उपयोग किया जा सकता है. कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को रक्षाबंधन के महत्व से भी अवगत कराया.
उन्होंने बताया कि यह पर्व भाई-बहन के प्रेम, स्नेह, विश्वास और आपसी सहयोग का प्रतीक है. बच्चों ने एक-दूसरे को राखी बांधकर पर्व की खुशियां साझा कीं और भाईचारे तथा सौहार्द का संदेश दिया.
इस अवसर पर अभिभावकों ने विद्यालय पहुंचकर बच्चों द्वारा तैयार राखियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया. उन्होंने बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर नवाचार और सृजनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया.
कार्यक्रम में शिक्षक ठाकुर अमरेश प्रसाद, शशिकांत कुमार, सत्यानंद, शिक्षिकाएं प्रतिभा कुमारी, रीता कुमारी, कृति कुमारी, रेखा कुमारी सहित अन्य शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण उपस्थित रहे. विद्यालय की इस अनूठी पहल ने रक्षाबंधन के उत्सव को रचनात्मकता, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ और भी यादगार बना दिया.
