Aurangabad News : देव प्रखंड के केताकी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को दोपहर करीब दो बजे ताला लटका मिला. अस्पताल बंद रहने की सूचना मिलने पर देव के पूर्व उप प्रमुख मनीष पाठक ने देव अस्पताल प्रभारी और जिला चिकित्सा पदाधिकारी सह सिविल सर्जन को फोन कर मामले की जानकारी दी. सूचना के बाद देव चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार और अस्पताल प्रबंधक विकास कुमार ने स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर निरीक्षण किया.
ग्रामीणों ने समय से पहले अस्पताल बंद होने की बताई शिकायत
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने स्वास्थ्य केंद्र के नियमित रूप से निर्धारित समय से पहले बंद होने की शिकायत की. ग्रामीण श्रवण चौरसिया, हेमंत निराला, अनिल कुमार साव और भीम सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र प्रतिदिन दोपहर करीब एक बजे ही बंद हो जाता है. इससे इलाज कराने आने वाले मरीजों को काफी परेशानी होती है. ग्रामीणों का कहना था कि समय पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने के कारण मरीजों को इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ता है.
संबंधित कर्मियों से जवाब-तलब कर होगी कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान डॉ. अशोक कुमार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि मामले में सभी संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों से जवाब-तलब किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा. उन्होंने बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की.
चार पंचायतों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है स्वास्थ्य केंद्र
पूर्व उप प्रमुख मनीष पाठक ने कहा कि केताकी अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आसपास की चार पंचायतों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है. इसके आसपास बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी निवास करती है. ऐसे में स्वास्थ्य केंद्र बंद रहने से स्थानीय लोगों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए समय पर स्वास्थ्य सुविधा मिलना आवश्यक है. स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए भी दूर जाना पड़ता है.
चारदीवारी और भवन निर्माण की भी उठी मांग
मनीष पाठक ने स्वास्थ्य केंद्र की चारदीवारी कराने के साथ भवन निर्माण की भी मांग की. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र को नियमित रूप से निर्धारित समय तक खुला रखने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों का रुख न करना पड़े. ग्रामीणों ने भी स्वास्थ्य विभाग से स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था में स्थायी सुधार करने और कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है.
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