औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड अंतर्गत अधौरा गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में है. बिहार सरकार की पनबिजली परियोजना के निर्माण कार्य की जद में आने के कारण मुख्य सड़क को तोड़ दिया गया है.
आवागमन के लिए इसके बगल में डायवर्जन बनाया गया, लेकिन लंबे समय बाद भी डायवर्जन को पक्का नहीं किया गया है. इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है.
कच्चे डायवर्जन की समस्या
ग्रामीणों के अनुसार कच्चे डायवर्जन पर बारिश के दौरान कीचड़ और फिसलन की समस्या गंभीर हो जाती है. इससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी होती है. ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन वाहन फिसलने से लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं.
कई लोगों के पैर और हाथ में चोट लग चुकी है. सड़क की खराब स्थिति के कारण बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
दस गांवों का महत्वपूर्ण मार्ग
ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग केवल अधौरा गांव के लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आसपास के करीब दस गांवों के ग्रामीण भी इसी रास्ते से आवागमन करते हैं. स्कूली बच्चे प्रतिदिन इसी मार्ग से विद्यालय जाते हैं. बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने कामकाज के लिए इसी रास्ते का उपयोग करते हैं. वहीं, श्मशान घाट तक शव ले जाने के लिए भी ग्रामीणों को इसी मार्ग से गुजरना पड़ता है.
प्रशासन से ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से अब तक पर्याप्त पहल नहीं की गई है. उनका कहना है कि परियोजना का निर्माण जरूरी है, लेकिन इसके कारण आम लोगों का आवागमन बाधित नहीं होना चाहिए.
ग्रामीणों ने प्रशासन और परियोजना से जुड़े अधिकारियों से मांग की है कि कच्चे डायवर्जन को तत्काल पक्का कराया जाए और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.
मौजूद ग्रामीण और प्रमुख मांग
ग्रामीणों की ओर से सिद्धार्थ भारद्वाज ने भी इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए सरकार और प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की. मौके पर निखिल सिंह, गोरख चौधरी, ओम चौधरी, जुगेश प्रजापति, विंध्याचल जी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.
