Aurangabad News: दाउदनगर प्रखंड क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. कई घंटों तक रुक-रुक कर और तेज गति से हुई भारी बारिश के कारण शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भारी जलजमाव और कीचड़ की स्थिति बन गई है. सड़कों पर पानी भरने से दैनिक काम-काज के सिलसिले में घरों से निकलने वाले लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. निचले इलाकों में नालियों का गंदा पानी सड़कों पर फैल गया है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों पर कीचड़ जमने से पैदल चलना और दोपहिया वाहनों का आवागमन दूभर हो गया है.
बसन बिगहा में सकलदेव महतो का कच्चा मकान धराशायी
लगातार हो रही बारिश का सबसे घातक असर कच्चे और मिट्टी से बने मकानों पर पड़ा है. अत्यधिक नमी और पानी के रिसाव के कारण दाउदनगर प्रखंड के बसन बिगहा गांव में सकलदेव महतो का मिट्टी व कच्ची ईंटों से बना मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा. गनीमत रही कि जिस वक्त मकान गिरा, उस समय परिवार के सदस्य मलबे की सीधी चपेट में नहीं आए, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया.
घरेलू सामान मलबे में दबा, आशियाना छिनने से परिवार बेघर
स्थानीय ग्रामीण राकेश कुमार ने बताया कि पीड़ित सकलदेव महतो बेहद गरीब हैं और मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालते हैं. मकान ध्वस्त होने से घर के अंदर रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और अन्य जरूरी घरेलू सामान मलबे में दबकर पूरी तरह नष्ट हो गया है. इस आपदा में पीड़ित परिवार को हजारों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है और उनके सिर से छत छिन जाने के कारण परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है.
ग्रामीणों ने की प्रशासनिक मुआवजे की मांग
हादसे के बाद आसपास के ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और स्थानीय प्रशासन से तत्काल स्थल निरीक्षण कर आपदा प्रबंधन मद से उचित मुआवजा व तिरपाल आदि राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो क्षेत्र में कई अन्य कमजोर कच्चे मकानों के गिरने का खतरा और बढ़ सकता है.
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