औरंगाबाद जिले के दाउदनगर में बारिश से किसानों को राहत, धान की रोपनी ने पकड़ी रफ्तार; बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट

दाउदनगर में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है. डीजल पंपिंग की जगह प्राकृतिक वर्षा ने धान की रोपनी को रफ्तार दी है. हालांकि, प्रशासन संभावित बाढ़ को लेकर पूरी तरह सतर्क है और नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है.

दाउदनगर में पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है. अब तक डीजल पंपिंग सेट के सहारे धान की रोपनी कर रहे किसानों को प्राकृतिक वर्षा का लाभ मिलने लगा है. सोमवार सुबह से जारी बारिश के कारण खेतों में पर्याप्त पानी भर गया है, जिससे धान की रोपनी का काम तेज हो गया है. किसान अब बड़े पैमाने पर कृषि कार्य में जुट गए हैं.

धान की रोपनी का प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद

दाउदनगर प्रखंड में करीब 12 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती होती है. प्रखंड कृषि कार्यालय के अनुसार अब तक लगभग 15.5 प्रतिशत क्षेत्र में धान की रोपनी पूरी हो चुकी है. कृषि विभाग का मानना है कि लगातार हो रही बारिश से आने वाले दिनों में रोपनी का प्रतिशत तेजी से बढ़ेगा. किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश से डीजल पर होने वाला अतिरिक्त खर्च बचेगा और अच्छी पैदावार की उम्मीद भी बढ़ गई है.

संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क

भारी बारिश और संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है. मौसम विभाग के अलर्ट के बाद सोन नदी के तटीय और निचले इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है. पंचायत सचिवों सहित संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. साथ ही प्रखंड कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां से लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है.

सात राहत शिविर किए गए चिन्हित

बीडीओ मो. जफर इमाम ने बताया कि संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए दाउदनगर प्रखंड में सात स्थानों को राहत शिविर के रूप में चिन्हित किया गया है. इनमें प्राथमिक विद्यालय मेवा बिगहा, पूर्णा बिगहा, महमदपुर और मध्य विद्यालय अंछा सहित अन्य स्थान शामिल हैं. आवश्यकता पड़ने पर सोन नदी के तटीय क्षेत्रों के लोगों को सुरक्षित इन शिविरों में पहुंचाया जाएगा.

फिलहाल सामान्य है स्थिति, अफवाहों से बचने की अपील

प्रशासन की टीम सोन नदी के काली घाट सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखे हुए है. फिलहाल कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है. प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कंट्रोल रूम या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है. बारिश से जहां खेती-किसानी को नई उम्मीद मिली है, वहीं प्रशासन भी किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.


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