औरंगाबाद में भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट, राहत शिविरों में तैनात होंगे सचिव व राजस्व कर्मचारी

औरंगाबाद में 19 से 21 जुलाई तक भारी बारिश और बाढ़ की आशंका के चलते जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। बचाव के लिए विभिन्न विद्यालयों में राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं और प्रशिक्षित गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

औरंगाबाद/अंबा: जिले में 19 से 21 जुलाई तक संभावित भारी बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला एवं प्रखंड प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. जिला पदाधिकारी के निर्देश तथा मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा जारी हाई अलर्ट के बाद अंचल प्रशासन ने राहत एवं बचाव की व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं.

संभावित आपदा से निपटने के लिए प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में राहत शिविर स्थापित किए जाएंगे. साथ ही प्रशिक्षित गोताखोरों की प्रतिनियुक्ति की गई है. राहत शिविरों के संचालन के लिए राजस्व कर्मियों, पंचायत सचिवों और पंचायत सेवकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. प्रशासन ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी पर रहने का निर्देश दिया है.

सीआर चंद्र प्रकाश ने बताया कि जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने के उद्देश्य से बटाने नदी और अन्य सहायक नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाएगी. तटबंधों की स्थिति का आकलन करने और हर महत्वपूर्ण सूचना तत्काल नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. राहत एवं बचाव दलों के साथ समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया है.

पिपरा गांव के तीन गोताखोर रहेंगे तैनात

प्रशासन ने बचाव कार्य के लिए पिपरा गांव के प्रशिक्षित गोताखोर विजेंद्र कुमार, अजीत कुमार और महेंद्र कुमार की 19 से 21 जुलाई तक प्रतिनियुक्ति की है. आवश्यकता पड़ने पर ये गोताखोर राहत एवं बचाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे.

इन विद्यालयों में बनाए जाएंगे राहत शिविर

संभावित बाढ़ प्रभावित लोगों के ठहराव और राहत सामग्री वितरण के लिए 10 विद्यालयों को राहत शिविर के रूप में चिन्हित किया गया है. इनमें हाई स्कूल रिसियप, महिला कॉलेज मुड़िला अंबा, प्लस-टू स्कूल चिल्हकी, प्लस-टू स्कूल गंगहर, प्लस-टू स्कूल निरंजनपुर, हाई स्कूल बैरांव, आदर्श विद्यालय डुमरी, हाई स्कूल जीवा बिगहा, उच्च विद्यालय महसु और प्लस-टू स्कूल महाराजगंज शामिल हैं.

प्रत्येक राहत शिविर के लिए एक-एक राजस्व कर्मचारी, पंचायत सचिव या पंचायत सेवक को शिविर प्रभारी बनाया गया है. संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी शिविर संचालन में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है.

निचले इलाकों पर रहेगी विशेष निगरानी

प्रशासन ने सभी राजस्व कर्मियों और पंचायत सचिवों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, निचले इलाकों पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों तथा नियंत्रण कक्ष को देने का निर्देश दिया है.

अंचलाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी-नालों के आसपास न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी.

इसे भी पढ़ें: बंटी यादव मर्डर केस: पीड़ित परिवार से मिले खेसारी लाल यादव, बोले- पुलिस असली तस्करों को नहीं पकड़ पाती


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Ambuj kumar

Published by: Vivek Ranjan

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >