Aurangabad News(ब्रजेश द्विवेदी): जिले के ओबरा प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का असर स्कूली बच्चों की सेहत पर साफ देखने को मिला. अलग-अलग विद्यालयों में पढ़ने वाली दो छात्राएं अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं, जिससे विद्यालय परिसरों में अफरा-तफरी मच गई. शिक्षकों की तत्परता और सूझबूझ से दोनों छात्राओं को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ओबरा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.
अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी छात्रा
राहत की बात यह रही कि चिकित्सकों ने दोनों छात्राओं की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार पहली घटना मध्य विद्यालय मनोरा बाजीतपुर में हुई. यहां कक्षा छह की छात्रा स्वीटी कुमारी विद्यालय में चल रहे चेतना सत्र के दौरान अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी. छात्रा को अचानक गिरते देख विद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राओं में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में विद्यालय प्रशासन द्वारा प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई तथा छात्रा के परिजनों को घटना की सूचना दी गई. इसके बाद शिक्षकों की देखरेख में उसे इलाज के लिए पीएचसी ओबरा भेजा गया.
शिक्षकों ने तत्परता दिखाया
वहीं दूसरी घटना कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भरुब से जुड़ी बताई जा रही है. जानकारी के अनुसार उच्च विद्यालय भरुब में वर्ग संचालन के दौरान एक छात्रा अचानक बेहोश हो गई. छात्रा की तबीयत बिगड़ते ही विद्यालय के शिक्षकों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया. घटना के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल व्याप्त है.
दोनों छात्राओं की हालत सामान्य
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही गर्मी, तेज धूप और उमस के कारण बच्चों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. लोगों ने विद्यालयों में बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की मांग की है. मध्य विद्यालय भरुब के प्रधानाध्यापक नागेंद्र सिंह तथा मध्य विद्यालय मनोरा बाजीतपुर के प्रधानाध्यापक अंजनी कुमार ने बताया कि दोनों छात्राओं का इलाज पीएचसी ओबरा में चल रहा है. डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत सामान्य है और आवश्यक जांच और उपचार जारी है. विद्यालय प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए बच्चों को पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचने और सावधानी बरतने की सलाह दी है.
Also Read: बिहार शिक्षा व्यवस्था पर सवाल: स्कूलों में उपकरण तो आए, लेकिन संगीत शिक्षक नहीं
